जोधपुर स्थित सर्किट हाउस में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान राजस्थान सरकार के दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को सामने रखा. उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा सरकार का मूल मंत्र बिल्कुल स्पष्ट है, कथनी और करनी में फर्क नहीं है. जनता से किए गए वादों को जमीन पर उतारना ही सरकार की प्राथमिकता रही है.

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मंत्री पटेल ने कहा कि 3 दिसंबर को जब प्रदेश की जनता ने भाजपा को सेवा का अवसर दिया, उसी दिन सरकार ने तय कर लिया था कि ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए जाएंगे, जिनसे लोगों का भरोसा और मजबूत हो.

12 दिसंबर को विधायक दल के नेता के चयन और 15 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के शपथ ग्रहण के साथ ही इस संकल्प को अमल में लाने की शुरुआत हो गई. उनका कहना था कि सरकार की पहचान यही है कि कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है.

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3 विधायकों के स्टिंग पर सख्त रुख

तीन विधायकों से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर पूछे गए सवाल पर जोगाराम पटेल ने कहा कि इस तरह की खबरें बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि का आचरण ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे सरकार या लोकतांत्रिक व्यवस्था की छवि पर सवाल खड़े हों.

मंत्री ने बताया कि मामले की जांच पार्टी संगठन, अनुशासन समिति और विधानसभा की सदाचार समिति के स्तर पर की जा रही है. स्टिंग की सत्यता सामने आने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है और जरूरत पड़ी तो सख्त कार्रवाई से सरकार पीछे नहीं हटेगी.

पेयजल संकट के समाधान के लिए उठाए कदम

राजस्थान के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहे पेयजल संकट पर बोलते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि पहली बार इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस काम हुआ है. यमुना जल समझौता, ERCP परियोजना और “कर्मभूमि से जन्मभूमि की ओर” जैसे अभियानों से प्रदेश के अंडरग्राउंड वॉटर लेवल में सुधार की उम्मीद जगी है.

उन्होंने बताया कि लगातार अच्छी बारिश के कारण इस बार बांध लबालब भरे हैं, जिसका सीधा असर खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. कृषि उत्पादन में सुधार हुआ है और किसानों को इसका लाभ मिल रहा है.

ऊर्जा, डिस्कॉम और रोडवेज में बदलाव

ऊर्जा क्षेत्र पर बात करते हुए जोगाराम पटेल ने कहा कि राजस्थान को सौर ऊर्जा उत्पादन में देश का नंबर वन राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. उन्होंने दावा किया कि अजमेर और जयपुर डिस्कॉम पहली बार मुनाफे में आए हैं और जल्द ही जोधपुर डिस्कॉम भी इस सूची में शामिल होगा.

इतना ही नहीं, राजस्थान रोडवेज भी पहली बार लाभ की स्थिति में पहुंचा है, जो वर्षों से घाटे में चल रहा था. सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर मंत्री ने कहा कि आज राजस्थान देश के टॉप राज्यों में शामिल है. केंद्र सरकार के सहयोग से बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है.

दिल्ली-मुंबई फ्रंटियर कॉरिडोर और भारतमाला परियोजना से जुड़ाव पूरा होने पर दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और कांडला जैसे शहरों से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.

शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास में आगे

जोगाराम पटेल ने दावा किया कि शिक्षा, मेडिकल और हेल्थ सेक्टर में भी राजस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल की तुलना में भाजपा सरकार ने सिर्फ दो साल में उससे ज्यादा काम किया है. सरकार अपने संकल्प पत्र के करीब 70 प्रतिशत वादे पूरे कर चुकी है.

उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया स्तर पर राज्यों की प्रगति के 23 पैमानों में से 11 में राजस्थान पहले, 9 में दूसरे और 3–4 में तीसरे स्थान पर है. मंत्री पटेल ने कहा कि जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित विधानसभा बजट सत्र ऐतिहासिक होगा. उन्होंने विपक्ष से अपील की कि सदन में हंगामे की जगह विकास से जुड़े मुद्दों पर सार्थक बहस हो, ताकि राजस्थान की विकास यात्रा और तेज हो सके.