मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बिलकिसगंज थाना अंतर्गत ग्राम पाटनी में एक बेहद ही शर्मनाक और दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 22 साल की विवाहित महिला के साथ घर में घुसकर जबरदस्ती हाथ-पैर बांधकर और ममुंह दबाकर बलात्कार किए जाने का मामला दर्ज हुआ है. वारदात के दौरान जब पीड़िता का पति अचानक घर पहुंचा, तो आरोपी ने उसके साथ भी मारपीट की और मौके से फरार हो गया.

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महिला थाना सीहोर ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

आरोपी ने गेट खुला देख घर में घुस महिला का किया रेप

जानकारी के अनुसार, पीड़िता की उम्र 22 साल है और वे ग्राम पाटनी, बिलकिसगंज की रहने वाली है. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 31 मई की रात को उसके पति ग्राम बोरदी एक बारात में गए हुए थे. पति ने कहा था कि वह रात में ही वापस लौट आएंगे, इसलिए उन्होंने दरवाजा पूरी तरह बंद न करने और केवल कुंडी लटका कर रखने को कहा था, ताकि आने पर आसानी हो.

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रात करीब 2 बजे जब महिला अपने घर में खाट पर सो रही थी और घर की लाइट जल रही थी, तभी गांव का ही आरोपी खालिद खां चुपके से घर के अंदर घुस आया. आरोपी ने अंदर आते ही दरवाजे की अंदर से कुंडी लगा दी. पीड़िता ने जब विरोध करने और शोर मचाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उसे जमीन पर पटक दिया और उसके ही स्कार्फ से उसके हाथ-पैर बांध दिए. महिला चिल्ला न सके, इसलिए आरोपी ने उसके मुंह में रूमाल ठूंस दिया. इसके बाद बेबस महिला के साथ आरोपी ने बलात्कार किया.

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आरोपी ने पीड़िता के पति के आते ही किया जमकर हमला

इसी बीच पीड़िता के पति अचानक घर वापस लौट आए और उन्होंने बाहर से आवाज दी. पति की आवाज सुनकर पकड़े जाने के डर से आरोपी ने आनन-फानन में महिला के हाथ-पैर खोल दिए. जैसे ही महिला ने दरवाजा खोला, आरोपी ने पीड़िता के पति पर हमला कर दिया और उनके साथ जमकर मारपीट की, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोटें आईं. इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देता हुआ अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला.

घटना के बाद सहमी पीड़िता अपने पति, देवर और जेठ के साथ महिला थाना सीहोर पहुंची और न्याय की गुहार लगाते हुए लिखित आवेदन दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना निरीक्षक ने आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) (बलात्कार), 332(सी), 115(2) और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(w)(i), 3(2)(v), 3(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है.

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