NEET UG 2026 का पेपर लीक होने के बाद से भारत के लाखों छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना एक पल में टूट गया. इनमें से स्टूडेंट्स ने उम्मीद रखते हुए फिर से री-एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी तो वहीं कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो कड़ी मेहनत बर्बाद होने के बाद हिम्मत हार गए. एग्जाम में हुई धांधली और पेपर लीक के काले साए ने देश के एक और होनहार भविष्य को हमसे छीन लिया है. मामला मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले का है, जहां पेपर लीक से आहत होकर आकांक्षा चतुर्वेदी नाम की छात्रा ने सुसाइड कर लिया.

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छात्रा मरने से पहले सुसाइड नोट भी छोड़ गई है जिसमें उसने लिखा कि 'अब दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है'. मामला मऊगंज जिले का है जहां डॉक्टर बनने का सपना संजोए आकांक्षा चतुर्वेदी ने नागपुर में नीट की तैयारी के दौरान फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. अपने सुसाइड नोट में उसने अपने मम्मी-पापा से माफी मांगी और दुनिया को अलविदा कह दिया. 

बेटी की पढ़ाई के लिए पिता ने लिया था लाखों का कर्ज

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चतुर्वेदी परिवार से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने फोन पर बात की और ढांढस बंधाया. साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिया. आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चौबे एक किसान हैं, जिन्होंने बेटी की पढ़ाई के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये का कर्ज लिया था. 

आकांक्षा का पेपर बहुत अच्छा हुआ था

परिजनों का कहना है कि नीट परीक्षा अच्छी होने के बावजूद पेपर लीक की खबर से आकांक्षा गहरे सदमे में चली गई थी. घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है.

आकांक्षा ने अपने सुसाइड नोट में जो लिखा, वो इस देश के परीक्षा तंत्र के मुंह पर एक करारा तमाचा है. इस दुखद घटना के बाद अब सियासत भी गरमा गई है. आकांक्षा नागपुर में रहकर 'फिजिक्स वाला' से नीट की तैयारी कर रही थी. बीते 20 मई को आकांक्षा ने अपने ही कमरे में पंखे से फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी. 

मूल रूप से मऊगंज जिले के मगनिया गांव का यह गरीब परिवार पिछले कुछ समय से नागपुर में रह रहा था. पिता कृष्ण कुमार चौबे पेशे से किसान हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए नागपुर में खाना बनाने (कुक) का काम करते थे. परिजनों के मुताबिक, आकांक्षा ने जब नीट का पेपर दिया तो वह बेहद खुश थी. उसे भरोसा था कि इस बार उसका चयन हो जाएगा और वह डॉक्टर बन जाएगी. हालांकि, जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर सामने आई, आकांक्षा गहरे डिप्रेशन में चली गई. उसने खाना-पीना छोड़ दिया और आखिरकार मौत का रास्ता चुना.

आकांक्षा के सुसाइड नोट में क्या?

आकांक्षा का जो सुसाइड नोट सामने आया है उसमें लिखा था, "मम्मी-पापा आपको भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेगी और डॉक्टर बनेगी, पर दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर. पहले नीट के पेपर में अच्छे मार्क्स आ रहे थे मेरे, लेकिन अब दोबारा पेपर अच्छा आए इसकी कोई गारंटी नहीं है. सॉरी मम्मी पापा, मैंने सब बर्बाद कर दिया आप दोनों का."

आकांक्षा के बाबा जगदीश चतुर्वेदी ने बताया कि नीट का पेपर देने के बाद वो बहुत खुश थी और उसने कहा था कि इस बार 650 से ज्यादा मार्क्स आएंगे. जब पेपर लीक की खबर आई तो वह न खाना खाती थी और न ही बात करती थी. उसकी पढ़ाई के लिए पिता ने 15 लाख का कर्ज लिया था.