मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ABP नेटवर्क के 'India @ 2047 Conclave' में हिस्सा लेने जा रहे हैं, जो 3 जून को सुबह 10 बजे से शुरू होगा. इस दौरान वह 'मध्य प्रदेश में बदलाव की चुनौती' विषय पर अपने विचार साझा करेंगे. इस कार्यक्रम में उनसे मध्य प्रदेश के विकास, सुशासन, निवेश, रोजगार और भविष्य की चुनौतियों को लेकर चर्चा कि जाएगी.

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CM मोहन यादव ने 1980 में की राजनीतिक सफर की शुरुआत 

उज्जैन में 25 मार्च 1965 को जन्मे डॉ. मोहन यादव वर्तमान में उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. वहीं दिसंबर 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. सीएम मोहन यादव ने राजनीति में आने से पहले वकालत और व्यवसाय के रूप में काम किया है. उनकी शैक्षणिक योग्यताएं भी काफी मजबूत रही है. उन्होंने B.Sc, LLB, MA (राजनीति विज्ञान), MBA और Ph.D. में उच्च शिक्षा प्राप्त की है.

सीएम मोहन यादव का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ. साल 1980 में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़कर कई पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं. उनकी योग्यता और राजनीतिक सक्रियता के चलते बीजेपी में उनका कद लगातार बढ़ता गया.

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सीएम लगातार तीन बार बने उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक 

वहीं डॉ. मोहन यादव साल 2013, 2018 और 2023 में लगातार तीन बार उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक चुने गए. जुलाई 2020 से दिसंबर 2023 तक उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली. मुख्यमंत्री बनने के बाद से वह राज्य में विकास और प्रशासनिक सुधारों को लेकर लगातार सक्रिय नजर आए हैं. ABP नेटवर्क के 'India @ 2047 Conclave' में, मुख्यमंत्री से शासन और मध्य प्रदेश में बदलाव लाने से जुड़ी चुनौतियों पर बोलने की उम्मीद है.

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