जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर में कथित तौर पर 500 करोड़ की नकली चांदी विवाद गरमाया हुआ है. पवित्र मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और दान के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए, बैठक के दौरान भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे के संग्रह, गिनती, लेखा-जोखा, सुरक्षा और उपयोग की व्यापक समीक्षा की गई.

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जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर में कथित तौर पर 500 करोड़ की नकली चांदी के आरोपों के बीच उपराज्यपाल ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की बैठक में चढ़ावे और दान प्रबंधन प्रणाली की समीक्षा की.

जम्मू कश्मीर के  उपराज्यपाल, जो श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन भी हैं. मनोज सिन्हा ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की और पवित्र श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ावे और दान प्रबंधन प्रणाली की समीक्षा की.

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नकली चांदी विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ?

  • वैष्णो देवी मंदिर में 500 करोड़ की नकली चांदी चढ़ाने का मामला सामने आया.
  • नकली चांदी को लेकर मंदिर प्रबंधन और चढ़ावे पर उठे सवाल
  • विवाद के बीच उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हाई-लेवल मीटिंग बुलाई
  • मीटिंग में चढ़ावे को लेकर समीक्षा की गई
  • बोर्ड ने भक्तों के चढ़ावे की कलेक्शन, गिनती, रिकॉर्ड, सुरक्षा और उपयोग की पूरी प्रक्रिया समझाई
  • दान पेटी, दान काउंटर, ऑनलाइन दान और सोना-चांदी जैसे चढ़ावे के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू है
  • मीटिंग में सत्यापन प्रक्रिया, निगरानी तंत्र, बैंकिंग सुरक्षा और नियमित ऑडिट की व्यवस्था की भी जानकारी दी गई

बैठक में इन बातों पर हुई चर्चा

एक प्रस्तुति में उन मजबूत प्रणालियों और संस्थागत तंत्रों पर प्रकाश डाला गया जिन्हें श्राइन बोर्ड ने दान बक्सों, दान काउंटरों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और कीमती धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावे को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संभालने के लिए लागू किया है.

उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में बोर्ड को सत्यापन प्रक्रियाओं, निगरानी तंत्र, बैंकिंग सुरक्षा उपायों और समय-समय पर होने वाले ऑडिट के बारे में जानकारी दी गई, जो इस प्रक्रिया के हर चरण को नियंत्रित करते हैं. 

इसके अलावा, इस बात पर भी जोर दिया गया कि चढ़ावे और दान से संबंधित सभी वित्तीय लेनदेन निर्धारित बैंकिंग नियमों, कानूनी प्रावधानों और भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों के अनुसार ही किए जाते हैं.

बोर्ड ने कीमती धातुओं के रूप में प्राप्त चढ़ावे को संभालने और सुरक्षित रखने के लिए अपनाए गए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक और इंडिया गवर्नमेंट मिंट, हैदराबाद जैसे प्रतिष्ठित सरकारी-मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से उनके सुरक्षित परिवहन, प्रसंस्करण और रिफाइनिंग की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया. 

बोर्ड ने व्यक्त किया संतोष

विस्तृत समीक्षा के बाद, बोर्ड ने मौजूदा व्यवस्थाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता पर संतोष व्यक्त किया. बोर्ड ने उन व्यापक सुरक्षा उपायों और निगरानी तंत्रों की भी सराहना की, जिन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए अपनाया गया है कि भक्तों द्वारा चढ़ाए गए पवित्र चढ़ावे का प्रबंधन ईमानदारी, वित्तीय अनुशासन और जन-विश्वास के उच्चतम मानकों के साथ किया जाए.

बैठक में श्राइन बोर्ड के सदस्य - महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरिजी महाराज, बालेश्वर राय, डॉ. अशोक भान, सुधा मूर्ति, गुंजन राणा, डॉ. के.के. तलवार, कुलभूषण आहूजा, ललित भसीन, सुरेश कुमार शर्मा; उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मंदीप के. भंडारी, बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य, बोर्ड के अतिरिक्त सीईओ आलोक कुमार मौर्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी कटरा के स्पिरिचुअल ग्रोथ सेंटर में व्यक्तिगत रूप से और वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए.

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