3 जुलाई से शुरू हुई बाबा बर्फानी की अमरनाथ यात्रा में भक्तों का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. पहले 13 दिनों में ही 3.25 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में दर्शन कर लिए हैं. इस बीच, छड़ी-मुबारक (पवित्र गदा) के संरक्षक दशनामी अखाड़े के महंत दीपेंद्र गिरी ने साधुओं और आम जनता के लिए साल 2026 की छड़ी-मुबारक स्वामी अमरनाथ जी की सालाना तीर्थयात्रा का पूरा कार्यक्रम (Schedule) जारी कर दिया है.

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छड़ी-मुबारक से जुड़ी अहम रस्में और तारीखें

महंत दीपेंद्र गिरी द्वारा जारी किए गए नए शेड्यूल के अनुसार, पुरानी परंपराओं का निर्वहन करते हुए इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ी रस्में निभाई जाएंगी:

  • 29 जुलाई (आषाढ़-पूर्णिमा): इस शुभ अवसर पर पहलगाम में 'भूमि-पूजन', 'नवग्रह पूजन' और 'ध्वजारोहण' की रस्में पूरी की जाएंगी.
  • 12-13 अगस्त: छड़ी-मुबारक को 12 अगस्त को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर और 13 अगस्त को शारिका भवानी मंदिर ले जाया जाएगा.
  • 15 अगस्त: दशनामी अखाड़ा (श्रीनगर) स्थित श्री अमरेश्वर मंदिर में 'छड़ी-स्थापना' की जाएगी.
  • 17 अगस्त (नाग-पंचमी): इस दिन दशनामी अखाड़े में पारंपरिक और पवित्र 'छड़ी-पूजन' होगा.

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22 अगस्त से शुरू होगा मुख्य चरण, ये होंगे यात्रा के पड़ाव

तीर्थयात्रा के मुख्य चरण की शुरुआत 22 अगस्त को होगी, जब महंत दीपेंद्र गिरी पवित्र गदा (छड़ी) को लेकर पवित्र गुफा की ओर प्रस्थान करेंगे. यात्रा के दौरान पवित्र छड़ी 22 व 23 अगस्त को पहलगाम, 24 अगस्त को चंदनवाड़ी, 25 अगस्त को शेषनाग और 26 व 27 अगस्त (दो रातें) को पंचतरणी में रुकेगी. 'श्रावण-पूर्णिमा' के पावन अवसर पर 28 अगस्त को पवित्र गुफा में विशेष पूजन और 'दर्शन' संपन्न होंगे.

बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा की अनुमति नहीं

महंत दीपेंद्र गिरी ने यात्रा में शामिल होने वाले साधुओं और श्रद्धालुओं से अपना रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से करवाने की सलाह दी है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान केवल उन्हीं साधुओं या तीर्थयात्रियों को छड़ी-मुबारक के साथ जाने की अनुमति मिलेगी, जिनके पास वैध यात्रा परमिट (Valid Permit) और रजिस्ट्रेशन होगा. महादेव गिर दशनामी अखाड़ा ट्रस्ट की ओर से देश भर से आने वाले साधुओं के लिए श्रीनगर के बादशाह चौक स्थित अखाड़ा बिल्डिंग में ठहरने और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था (पिछले सालों की तरह ही) की गई है.

सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार को सूचना

दशनामी अखाड़े ने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की सरकार को इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र भी भेजा है. इसमें अधिकारियों से पुरानी परंपराओं को बनाए रखने, तय कार्यक्रम के अनुसार यात्रा सुनिश्चित करने और पवित्र छड़ी के साथ जाने वाले साधुओं व तीर्थयात्रियों की पुख्ता सुरक्षा के प्रबंध करने का आग्रह किया गया है.

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