शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के वित्तीय प्रबंधन को लेकर एक बड़ी मांग उठाई है. शनिवार (08 अगस्त) को पार्टी ने श्राइन बोर्ड से पिछले 10 वर्षों की आय-व्यय, चढ़ावे और परिसंपत्तियों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करते हुए एक 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी करने की मांग की है. इसके साथ ही, शिवसेना ने केंद्र सरकार से देश के सभी प्रमुख धार्मिक ट्रस्टों के लिए एक समान पारदर्शिता मानक लागू करने का भी आग्रह किया है.

Continues below advertisement

'आस्था से जुड़े संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता समय की मांग'

पत्रकारों को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) के प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने बताया कि वर्ष 2026 की 57 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक लगभग पांच लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं. साहनी ने कहा, "यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की अटूट आस्था और देश की सांस्कृतिक विरासत का बड़ा प्रतीक है."

उन्होंने बताया कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड को हर साल अनिवार्य पंजीकरण शुल्क, ऑनलाइन व नकद चढ़ावे, विशेष पूजा और दान के माध्यम से करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है. ऐसे में आस्था से जुड़े इन संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता समय की सबसे बड़ी मांग है.

Continues below advertisement

अमरनाथ यात्रा पर लगी रोक, इस वजह से अगले आदेश तक रहेगी स्थगित

राम मंदिर विवाद का दिया हवाला, कड़े नियम लागू करने की अपील

अपने संबोधन के दौरान मनीष साहनी ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में हाल ही में सामने आई कथित वित्तीय अनियमितताओं का भी हवाला दिया. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के बाद देशभर के धार्मिक ट्रस्टों के कामकाज में अधिक जवाबदेही की आवश्यकता महसूस की जा रही है.

शिवसेना नेता ने केंद्र सरकार से पुरजोर मांग की है कि सभी प्रमुख धार्मिक संस्थाओं के लिए डिजिटल रिकॉर्ड, स्वतंत्र ऑडिट (Independent Audit) और नियमित वित्तीय प्रकटीकरण जैसे कड़े नियम अनिवार्य किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं के दान का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित हो सके.

राजौरी: 10 दिन बंद रही सड़क, अस्पताल न पहु्ंचने पर युवती की मौत; अधिकारी पर गिरी गाज