जम्मू के राजौरी जिले के कोटरांका इलाके में सड़क बंद होने की वजह से एक 17 वर्षीय लड़की की मौत का मामला सामने आया है. आरोप है कि पिछले करीब 10 दिनों से सड़क बंद होने के कारण बीमार लड़की को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका, जिससे इलाज में देरी हुई और उसकी जान चली गई. घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक अधिकारी को निलंबित कर दिया है.
मृतका की पहचान पिंगलर गांव निवासी अब्दुल अजीज की बेटी परवीन अख्तर के रूप में हुई है. परिजनों के मुताबिक, परवीन की तबीयत अचानक खराब हो गई थी. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन सड़क बंद होने के कारण समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी.
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भूस्खलन के बाद 10 दिनों से बंद थी सड़क
मामला राजौरी जिले के कोटरांका सब डिवीजन के मथयानी इलाके का है. क्षेत्र में भारी बारिश के बाद कई जगह भूस्खलन और मिट्टी खिसकने से सड़कें बंद हो गई थीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावित मार्ग को लंबे समय तक बहाल नहीं किया गया, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क बंद होने की जानकारी प्रशासन को लगातार दी जा रही थी, लेकिन समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई. लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें सिर्फ आवागमन का साधन नहीं होतीं, बल्कि जीवन बचाने वाली व्यवस्था होती हैं.
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
परवीन के रिश्तेदारों का कहना है कि अगर सड़क समय पर खुल जाती या इमरजेंसी परिवहन की सुविधा उपलब्ध होती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी. घटना के बाद इलाके में गुस्सा और दुख दोनों देखने को मिल रहा है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क बहाल होने तक विशेष एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी मरीज को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े.
डीसी ने अधिकारी को किया सस्पेंड, जांच के आदेश
घटना का संज्ञान लेते हुए राजौरी के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक शर्मा ने कार्रवाई की है. उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आगा जाहिद रहमान को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा योजना के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की सैलरी भी जांच पूरी होने तक रोक दी गई है. प्रशासन ने कहा है कि जांच के बाद लापरवाही तय होने पर दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पहाड़ी इलाकों में सड़क बनी जीवन-मौत का सवाल
राजौरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम के दौरान सड़क संपर्क बड़ी चुनौती बन जाता है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश और भूस्खलन के बाद प्रशासन को तुरंत वैकल्पिक रास्तों और राहत व्यवस्था पर काम करना चाहिए. परवीन अख्तर की मौत ने एक बार फिर दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीण अब जल्द सड़क बहाली और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.
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