जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को लेकर बड़ा फैसला लिया है. रविवार (9 अगस्त) से बालटाल रूट से भी अमरनाथ यात्रा रोक दी जाएगी. इससे पहले पहलगाम रूट से यात्रा 25 जुलाई को रास्ते को हुए नुकसान के कारण बंद कर दी गई थी. अब दोनों प्रमुख रूट बंद होने के बाद श्रद्धालु पवित्र गुफा तक नहीं पहुंच सकेंगे.
हालांकि, प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा 2026 को आधिकारिक तौर पर पूरी तरह खत्म नहीं किया है. इस साल 57 दिनों की यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और इसका समापन 28 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन छड़ी मुबारक के कार्यक्रम के साथ होना है.
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने कहा, "छड़ी मुबारक पारंपरिक पहलगाम रूट से जाएगी और 28 अगस्त को यात्रा 2026 का समापन होगा."उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा और यात्रा के सुचारू संचालन के लिए समय-समय पर सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी सलाहों का पालन करें.
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अब तक 4.8 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
अमरनाथ यात्रा इस बार अनंतनाग जिले के चंदनवाड़ी-पहलगाम ट्रैक और गांदरबल जिले के बालटाल रूट से एक साथ शुरू हुई थी. प्रशासन के मुताबिक, अब तक 4.8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं.
आधिकारिक आदेश के मुताबिक, हाल में हुई बारिश के कारण यात्रा मार्ग के कई संवेदनशील हिस्सों की मरम्मत और रखरखाव की जरूरत महसूस हुई है. इन हिस्सों की मरम्मत का काम बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की ओर से किया जा रहा है.
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खराब मौसम के चलते लिया गया फैसला
इसके अलावा, मौसम विभाग यानी IMD ने अगले कुछ दिनों में खराब मौसम का अनुमान जताया है. इसी को देखते हुए प्रशासन ने 9 अगस्त से दोनों रूटों पर अमरनाथ यात्रा रोकने का फैसला लिया है. हालांकि, आम श्रद्धालुओं के लिए यात्रा दोबारा कब शुरू होगी, इसकी कोई समय-सीमा अभी तय नहीं की गई है. इसको लेकर आने वाले समय में आदेश जारी होगा.
