Heart Attack Cases in Himachal Pradesh: शुक्रवार देर रात हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की धर्मपत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री का हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया. शुक्रवार को ही हिमाचल प्रदेश के गृह सचिव अभिषेक जैन को भी हार्ट अटैक आया. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा. इस जानकारी के बाद प्रदेश में हार्ट अटैक के बढ़ रहे मामलों को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हुई है.


हिमाचल प्रदेश में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले चिंता का विषय है. शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में 60 से 70 फीसदी मरीज हार्ट अटैक के कारण ही आ रहे हैं, जबकि 15 फीसदी अन्य हार्ट डिजीज और हार्ट फेल्योर के मामले हैं. लोगों में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले चिंता का विषय है, लेकिन इससे बचा जा सकता है.


हार्ट अटैक कितने प्रकार के हैं?
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. पी.सी. नेगी ने बताया कि हार्ट अटैक के तीन मुख्य कारण होते हैं. इनमें 40 साल से 50 साल की उम्र के लोगों को आने वाला अटैक आर्टिरीज में ब्लॉकेज की वजह से होता है. इससे हार्ट तक ब्लड नहीं पहुंच पाता और दिल की धड़कनें बढ़ जाने के बाद वह नियंत्रण में नहीं आती. ऐसी स्थिति में अगर मरीज को समय पर अस्पताल न पहुंचा जाए, तो उसकी मौत भी हो सकती है.


मसल्स की थिकनेस बढ़ना भी हार्ट अटैक का कारण बन सकता है
इसके अलावा अनुवांशिक यानी हेरेडिटी भी हार्ट अटैक का कारण है. जिन युवाओं में हार्ट अटैक के कोई सिंपटम नहीं होते, लेकिन फिर भी अचानक उनकी दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं. दिल की धड़कनों के अनियंत्रित होने के बाद उनकी मौत हो जाती है. ऐसे मामलों में लक्षण तो नहीं दिखते, लेकिन अचानक मौत हो जाती है. हार्ट अटैक का तीसरा मुख्य कारण मसल्स की थिकनेस का बढ़ना है. मसल्स की थिकनेस बढ़ने से भी व्यक्ति की दिल की धड़कन बढ़ती है और ब्लड प्रेशर लो हो जाता है. ऐसी स्थिति में जब वक्त रहते मरीज अस्पताल नहीं पहुंचता, तो उसकी मौत भी हो सकती है.


क्या हैं हार्ट अटैक के लक्षण?


• सीने में दर्द


• बाजू में दर्द


• असाधारण रूप से पसीना आना


• सांस लेने में तकलीफ होना


• आंखों के आगे अंधेरा छाना


• उल्टी आना और कमजोरी होना


• बाहों में असाधारण रूप से खिंचाव महसूस होना


• छाती और गर्दन में दर्द होना


हार्ट अटैक के लक्षणों की जानकारी होना जरूरी
कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. पी. सी. नेगी ने बताया कि हार्ट अटैक के लक्षणों की जानकारी होना बेहद जरूरी है. जब लक्षणों की जानकारी होती है, तो हार्ट अटैक के बारे में पता लगाना ज्यादा आसान हो जाता है. ऐसे में मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचने में मदद मिलती है. उन्होंने कहा कि सीने में दर्द को गैस्ट्रिक, सर्वाइकल या मस्कुलर पेन समझने की गलती नहीं करनी चाहिए.


ऐसी दर्द होने पर तुरंत मरीज को अस्पताल पहुंचना चाहिए, ताकि उसकी जान बचाई जा सके. उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक की एक बड़ी वजह हमारे खान-पान में असामान्य रूप से आया बदलाव भी है. डॉ. पी.सी. नेगी ने बताया कि पौष्टिक खाना हमें अलग-अलग बीमारियों से बचा सकता है.


ये भी पढ़ें: HP News: हिमाचल प्रदेश के डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री की पत्नी का निधन, अंतिम संस्कार में पहुंचे CM सुक्खू