गुजरात के गांधीनगर में टाइफाइड के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. सैंपल की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पिछले एक हफ्ते में शहर के अलग-अलग इलाकों से टाइफाइड के संदिग्ध मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मीता पारिख ने बताया कि सेक्टर 24, 25, 26, 28 और आदिवाड़ा क्षेत्र से बच्चों समेत कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है.

Continues below advertisement

जानकारी के अनुसार, इलाके में टाइफाइड के 67 मामले सेक्टर 24, 26, 27, 28 और आदिवासी इलाके में टाइफाइड के संदिग्ध मामले सबसे ज्यादा सेक्टर 24 के इंदिरानगर में टाइफाइड के मामले सामने आए हैं. नगर निगम का स्वास्थ्य निभाग घर-घर जाकर निगरानी कर रहा है.

सैंपल की जांच रिपोर्ट में हुआ टाइफाइड का खुलासा

गांधीनगर नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि लोगों को दूषित पीने का पानी मिलने से टाइफाइड फैला है. स्वास्थ्य अधिकारी ने आशंका जताई है कि पानी की लाइनों में लीकेज और सीवर के ओवरफ्लो होने से पीने का पानी दूषित हो गया. जिससे टाइफाइड फैल गया है. दूसरी ओर, अब स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी इलाकों में घर-घर जाकर दवा बांटना भी शुरू कर दिया है.

Continues below advertisement

गांधीनगर में टाइफाइड के 113 संदिग्ध मामले आए सामने

राज्य सरकार के अनुसार अब तक गांधीनगर में टाइफाइड के 113 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 19 मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 94 मरीज सिविल अस्पताल और सेक्टर 24 व 29 के स्वास्थ्य केंद्रों में इलाजरत हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री और गांधीनगर से सांसद अमित शाह ने प्रशासन को 'युद्ध स्तर' पर काम करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने पानी की पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत, प्रभावित और आसपास के इलाकों में गहन जांच और मरीजों को तुरंत व सही इलाज देने को कहा है.

90 हजार लोगों की स्वास्थ्य विभाग ने की जांच

गांधीनगर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है. अब तक 20,800 से ज्यादा घरों में सर्वे कर करीब 90 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है. एहतियात के तौर पर 30 हजार क्लोरीन टैबलेट और 20,600 ओआरएस पैकेट बांटे गए हैं. लोगों को पानी उबालकर पीने, बाहर का खाना न खाने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है. साथ ही पानी की टंकियों की सफाई और सुपर क्लोरीनेशन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है.

ये भी पढ़िए- 'राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा', कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी पर दिलीप जायसवाल ने उठाए सवाल