बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस द्वारा प्रियंका गांधी को असम स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने पर तीखा तंज कसा. पटना में उन्होंने कहा कि अब जनता समझदार हो चुकी है और 'राजा का बेटा ही राजा बने' यह सोच अब नहीं चलेगी. उनका कहना था कि लोकतंत्र में आम कार्यकर्ता भी शीर्ष पद तक पहुंच सकता है, बशर्ते संगठन में ईमानदार अवसर मिलें.

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कांग्रेस में विकल्पों की कमी पर सवाल

दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए पूछा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा कांग्रेस में कोई और चेहरा है भी या नहीं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने पटना के एक 45 वर्षीय आम कार्यकर्ता को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है. इससे कांग्रेस को भी सीख लेनी चाहिए और परिवारवाद से बाहर निकलकर आम लोगों को आगे बढ़ाना चाहिए.

असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है. भारत दुनिया की चौथी आर्थिक शक्ति बन गया है. भारत ने दुनिया को ऑपरेशन सिंदूर और अपनी सुरक्षा एजेंसियों की ताकत दिखा दी है. हम तो पाकिस्तान के घर में घुसकर मिसाइल दाग चुके हैं. इसलिए चिंता मत कीजिए. सब कुछ धीरे-धीरे होगा, आगे-आगे देखिए होता है क्या.

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लालू यादव पर कोर्ट के फैसले को बताया सर्वोपरि

लालू प्रसाद यादव का जिक्र करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि जांच एजेंसियों ने सभी सबूतों के साथ लालू प्रसाद यादव के खिलाफ अपना पक्ष और कोर्ट के समक्ष रख दिया है. मामला न्यायालय में है और जो भी आदेश न्यायालय देगा, उसे संवैधानिक तरीके से लालू सहित सभी को मानना होगा.

बांग्लादेश में सनातन पर हो रहा अत्याचार

बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर को केकेआर से रिलीव करने पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं और सनातन पर जिस तरह अत्याचार हो रहा है, उसकी पूरा भारत और विश्व विरोध कर रहा है.

उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर किसी के साथ अन्याय, अमानवीय व्यवहार या हत्या नहीं की जा सकती. खेल के माध्यम से हमने बांग्लादेश को एक संदेश दिया है कि ऐसे अत्याचार बंद हों. हम खेल-खिलाड़ियों का सम्मान करते हैं, लेकिन यह संदेश जरूरी है कि बांग्लादेश सुधर जाए और धर्म के आधार पर अत्याचार रोके.

गयाजी घटना पर आरजेडी को घेरा

गयाजी में हुई घटना को लेकर राजद के एक्स पोस्ट पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजद के पास कोई काम नहीं है तो वह रातभर इंतजार करता है कि पूरे बिहार में, 15 करोड़ की आबादी में कहीं कोई गोली चल जाए.

उन्होंने कहा कि राजद को यह एहसास होना चाहिए कि अपराधी कानून के राज में बच नहीं सकता या तो वह लंगड़ा होगा या ऊपर जाएगा. जो जैसा अपराधी होगा, जैसा कर्म करेगा, वैसा फल मिलना बिहार में शुरु हो गया है. इसलिए राजद का अगर कोई आदमी हो तो ठीक हो जाए, क्योंकि बिहार में अब अपराधी टिक नहीं सकता.