पटना में दो कोचिंग संचालकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के बाद सम्राट सरकार की ओर से बड़ा फैसला लिया गया है. सीएम सम्राट चौधरी ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए कोचिंग के संचालन को लेकर शिक्षा विभाग को अहम निर्देश दिया है. साथ ही कहा है कि सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का विवरण संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा.

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नियमावली तैयार करने का निर्देश

निर्देश दिया गया है कि स्कूलों एवं कॉलेजों के लिए निर्धारित शिक्षण समय के दौरान किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं किया जाना चाहिए. हालांकि यह व्यवस्था उन विद्यार्थियों पर लागू नहीं होगी, जिन्होंने अपनी नियमित स्कूली/महाविद्यालयी शिक्षा पूरी कर ली है. शिक्षा विभाग को इस संबंध में नियमावली तैयार करने के लिए निर्देश दिया गया है. 

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सम्राट चौधरी ने कहा है, "शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना हमारी प्रतिबद्धता है." सम्राट सरकार की ओर से इस तरह का कदम तब उठाया गया है जब पटना में दो बड़े कोचिंग संस्थान के बीच विवाद चल रहा है. विवाद का कारण सिपाही भर्ती रिजल्ट का क्रेडिट है.

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जेल में हैं रौशन आनंद

बता दें कि दो कोचिंग के विवाद में ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद जेल में हैं. हालांकि खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है. पूरा मामला दो जून की रात हुई घटना के बाद शुरू हुआ था. खान सर के कोचिंग के बाहर गार्ड के साथ मारपीट और फायरिंग की घटना हुई थी. इसके बाद एक एफआईआर खान सर के स्टाफ की ओर से कराई गई. दूसरी एफआईआर पुलिस की ओर से की गई. बीते मंगलवार को रौशन सर की जमानत याचिका भी कोर्ट से खारिज हो गई.

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