बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद् चुनावों में सीट नहीं मिली. अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस एक सीट के लिए राष्ट्रीय लोकमोर्चा का भारतीय जनता पार्टी में विलय होगा? इसको लेकर राज्यसभा सांसद ने अपनी स्थिति साफ कर दी है.  न सिर्फ उपेंद्र कुशवाहा बल्कि उनके बेटे दीपक प्रकाश ने भी एमएलसी सीट को लेकर बड़ा बयान दिया है. 

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आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बीजेपी में विलय के सवाल पर कहा है कि 1 सीट के लिए आरएएलएम का विलय नहीं कर सकते हैं. आरएलएम एक अलग दल है और आगे भी यही रहेगा. मैं यह बात स्पष्ट कर दूं कि हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा हैं. मुझे अभी भी उम्मीद है कि हमें एमएलसी सीट मिलेगी.

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दीपक प्रकाश क्या बोले?

वहीं इस मुद्दे पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि एनडीए नेतृत्व के आशीर्वाद से मैं कैबिनेट में दोबारा आया. अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस से दीपक प्रकाश ने कहा कि संवैधानिक नियमों के दायरे में मुझे मंत्री बनाया गया. जब तक एनडीए नेतृत्व का मुझ पर आशीर्वाद है मैं मंत्री बना रहूंगा. एमएलसी सीट न मिलने को लेकर मैं बात नहीं कर सकता.

बता दें आरएलएम के बीजेपी के साथ विलय की चर्चा साल 2024 के लोकसभा चुनाव से शुरू हुई. वहीं विधानसभा चुनाव में यह चर्च और ज्यादा तेज हो गई. सूत्रों की मानें तो आरएलएम के बीजेपी में विलय के बदले उसे दोबारा से केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिल सकती है.

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अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर आरएलएम के अन्य नेताओं और विधायकों ने चुप्पी साध रखी है. विधानसभा चुनाव के बाद हुई बगावत के बाद कुशवाहा ने डैमेज कंट्रोल के लिए कुछ फैसले लिए थे, जिसके बाद से पार्टी के भीतर उठा तूफान शांत है.