बिहार के सुपौल जिले में मंगलवार (9 जून) को कोसीको नदी में एक नाव हादसा होने से इलाके में हड़कंप मच गया. सरायगढ़ के बनैनिया घाट पर हुई इस घटना में नाव पर जरूरत से ज्यादा लोगों के सवार होने के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे के बाद घाट पर अफरातफरी का माहौल बन गया.

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जानकारी के अनुसार नाव में सवार लोग नदी पार कर खेतों में काम करने जा रहे थे. नाव पर बड़ी संख्या में महिला मजदूर मौजूद थीं. उनके साथ कुछ बच्चे भी सवार थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नाव में क्षमता से अधिक लोग बैठ गए थे, जिसके कारण बीच नदी में उसका संतुलन बिगड़ गया.

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कई लोग तैरकर सुरक्षित निकले

हादसे के बाद नाव में सवार लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई. हालांकि अधिकांश लोगों ने हिम्मत दिखाई और किसी तरह तैरकर नदी से बाहर निकल आए. स्थानीय ग्रामीणों ने भी बचाव कार्य में मदद की और लोगों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया.

इस हादसे में 3 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें तुरंत नदी से निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों की निगरानी में बच्चों की हालत पर नजर रखी जा रही है. राहत की बात यह है कि अब तक किसी के डूबने या लापता होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

घाट पर जुटी लोगों की भीड़

घटना की खबर मिलते ही नाव में सवार लोगों के परिजन और आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में बनैनिया घाट पहुंच गए. अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी लेने के लिए लोगों में बेचैनी देखी गई. कुछ समय तक घाट पर तनाव और चिंता का माहौल बना रहा.

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हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया तथा यात्रियों की जानकारी जुटाने का काम शुरू किया. शुरुआती जांच में नाव पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि बनैनिया घाट पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग नाव के जरिए आवागमन करते हैं. ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके.