बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री हो चुकी है. एक तरफ वे पार्टी में आए तो दूसरी ओर नीतीश कुमार पर भी परिवारवाद का आरोप लग गया. जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी इस पर लगातार सवाल उठा रहे हैं. बीते रविवार (22 मार्च, 2026) को प्रशांत किशोर नवादा में थे.
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के बेटे पर करारा वार करते हुए कहा, "नीतीश कुमार जी जीवनभर दावा करते रहे कि हमने आजतक परिवार के लिए कुछ नहीं किया, आप देख रहे हैं कि उनका लड़का सीधे राजनीति में आ रहा है और जैसे कि संभावना है कि बिहार में जेडीयू का नेतृत्व करने आ रहा है, उनकी योग्यता क्या है? समाज के प्रति उन्होंने क्या काम किया है?"
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अपने बच्चों की चिंता कीजिए: प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि नेता चाहे समाजवादी हो या भाजपाई, यंग हो या ओल्ड, अगड़ा हो या पिछड़ा, नेताओं ने अपने बच्चों की चिंता कर रखी है, नेता का बच्चा बेरोजगार नहीं रहेगा, मजदूरी करने नहीं जाएगा, लेकिन आपका पढ़ा-लिखा बच्चा भी मजदूरी करेगा. इसलिए अपने बच्चों की चिंता कीजिए.
कार्यकर्ताओं की मांग पर शामिल हुए हैं निशांत
बता दें कि नीतीश कुमार पर भले परिवारवाद का आरोप नेताओं ने लगाना शुरू कर दिया है लेकिन सदस्यता ग्रहण के दिन खुद मुख्यमंत्री नहीं थे. कहा जा रहा है कि कार्यकर्ताओं की मांग पर ही निशांत कुमार की पार्टी में एंट्री हुई है. जेडीयू के कार्यकर्ता काफी पहले से मांग कर रहे थे और अब जब नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं तो यह मांग और तेज हो गई थी. हालांकि कारण चाहे जो भी हो नीतीश कुमार जिस परिवारवाद के आरोप से अब तक बचे थे उसको लेकर सियासत जरूर शुरू हो गई है.
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