बिहार के मुंगेर जिले से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है. रविवार को प्रखंड के प्रसन्नडो गांव स्थित दक्षिण टोला में एक गाय ने दो मुंह और चार आंखों वाले एक अद्भुत बछड़े को जन्म दिया है. इस अजूबे बछड़े के जन्म की खबर इलाके में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है.

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जानकारी के अनुसार, यह गाय प्रसन्नडो गांव निवासी अमित सिंह उर्फ टिंकू (स्वर्गीय बैकुंठ सिंह के पुत्र) की है. पशुपालक अमित सिंह ने बताया कि उनकी गाय ने पहले भी कई बार सामान्य बछड़ों को जन्म दिया है, लेकिन इस बार का यह जन्म पूरी तरह से अलग और आश्चर्यजनक है. गनीमत यह है कि फिलहाल यह दुर्लभ बछड़ा जीवित है और उसे सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं.

लोग मान रहे ईश्वरीय चमत्कार

इस अजूबे को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह और आस्था देखने को मिल रही है. ग्रामीण हिमांशु कुमार सिंह और नीरज सिंह टप्पू ने बताया कि जैसे ही इस दो मुंह वाले बछड़े की भनक लगी, आसपास के गांवों से भी लोग लगातार प्रसन्नडो पहुंचने लगे.  कुछ लोग इसे कुदरत का अनोखा करिश्मा मान रहे हैं, तो कई इसे ईश्वरीय संकेत और भगवान का रूप मानकर पूजा कर रहे हैं. लोगों की आस्था का आलम यह है कि वे बछड़े के पास बैठकर उसे चम्मच और बोतल की मदद से दूध भी पिला रहे हैं.

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क्या कहता है विज्ञान?

आस्था और चमत्कार की इन बातों के बीच पशु चिकित्सकों का अपना वैज्ञानिक तर्क है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के जन्म को 'जन्मजात विकृति' (Congenital Anomaly) या पॉलिसिफेली (Polycephaly) कहा जाता है. यह स्थिति गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के ठीक से विभाजित न होने या आनुवंशिक (जेनेटिक) कारणों से उत्पन्न होती है. ऐसे जानवरों का जीवनकाल आमतौर पर काफी छोटा होता है.

हालांकि, ग्रामीण इलाकों में ऐसी घटनाएं अत्यंत दुर्लभ होने के कारण लोगों में इसे लेकर गहरा कौतूहल बना हुआ है और पूरे मुंगेर क्षेत्र में यह बछड़ा चर्चा का विषय बन गया है.