मोकामा विधायक अनंत सिंह को जेडीयू ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. अब उनकी विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है. पार्टी की ओर से विधानसभा सदस्य के रूप में उनकी सदस्यता अविलंब रद्द करने की भी अनुशंसा की गई है. इस बीच बिहार विधानसभा के स्पीकर प्रेम कुमार की प्रतिक्रिया आई है.

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मोकामा विधायक अनंत सिंह को JD(U) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा, "मैं अखबारों, दैनिक समाचार पत्रों में देख चुका हूं कि जनता दल(यू) के द्वारा अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला गया है लेकिन बिहार विधानसभा कार्यालय को इस संदर्भ में कोई पत्र प्राप्त नहीं है. पत्र प्राप्त होने के बाद समीक्षा की जाएगी और प्रक्रिया के तहत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी..." 

'हमारे पास दल से पत्र नहीं मिला'

दोबारा उनसे एक सवाल किया गया जिस पर उन्होंने दोहराया, "अभी मैं इसलिए कुछ नहीं कह रहा हूं... क्योंकि पत्र आ जाने दीजिए… अभी तो अखबार-टीवी, सोशल मीडिया पर देख रहा हूं. दल विरोधी कारणों से निष्कासित किया गया है, लेकिन हमारे पास दल से पत्र नहीं मिला है…"

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उपेंद्र कुशवाहा बोले- पार्टी का आंतरिक मामला

उधर, अनंत सिंह को लेकर आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी प्रतिक्रिया दी है. अनंत सिंह को JD(U) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने पर कहा, "...कौन व्यक्ति कहां पर किस तरह की राजनीति करेगा, इस पर हमारी क्या टिप्पणी हो सकती है?... ये जनता दल (यूनाइटेड) का आंतरिक मामला है..." 

वहीं बीजेपी नेता और मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उस पूरे मामले पर कहा, "उनकी पार्टी (जेडीयू) का मामला है. उस पर मुझे कुछ कहना नहीं है. विजय सिन्हा ने जहां से राजनीति की है… लखीसराय से… कई मोस्ट वांटेड के बीच से चुनाव हमने लड़ा है. ठेकेदार-रंगदार के विरोध के बाद भी वहां की जनता मुझे चुनकर भेजती है…"

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