बिहार में अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निकाले जाने के बाद सियासी बयानबाजी जारी है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बिना नाम लिए अनंत सिंह और दूसरे नेताओं पर निशाना साधा है. पार्टी ने लिखा, ‘गद्दारों को कर्मों की सजा मिल रही है.’ आरजेडी ने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वासघात करने और कराने वाले दोनों ही आज बेहाल हैं.

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वहीं, अनंत सिंह ने भी अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जेडीयू नेता अशोक चौधरी का नाम लेते हुए सवाल किया कि उनकी सरकार किसने बचाई थी. अनंत सिंह ने खुद कहा कि इन लोगों के लिए उन्होंने गद्दारी की थी. उनके इस बयान को पुराने फ्लोर टेस्ट और बिहार की सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है.

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RJD ने पोस्ट में क्या लिखा?

आरजेडी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, ‘गद्दारों को कर्मों की सजा मिल रही है.’ पार्टी ने कहा कि उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सत्ता के लिए कभी किसी का अहित नहीं किया. आरजेडी के मुताबिक, लालू और तेजस्वी ने अनैतिकता स्वीकार करने के बजाय जेल जाना और मीडिया ट्रायल का सामना करना मंजूर किया. पार्टी ने दावा किया कि सरकार जाने के बाद भी उन्होंने किसी का बुरा नहीं किया.

तेजस्वी के विधानसभा वाले बयान का जिक्र

आरजेडी ने पोस्ट में दावा किया कि तेजस्वी यादव ने विधानसभा में तीनों नेताओं को जवाब देते हुए उनके राजनीतिक भविष्य की ओर इशारा किया था. पार्टी ने लिखा कि तेजस्वी ने उन्हें विनम्रता से समय का तकाजा याद दिलाया था. पोस्ट में तीनों नेताओं के परिजनों का भी जिक्र किया गया और कहा गया कि वे अपने-अपने तरीके से परेशान हैं.

2024 के विश्वास मत से जोड़ा मामला

आरजेडी ने अपने पोस्ट में 2024 के विश्वास मत का जिक्र किया. पार्टी ने आरोप लगाया कि उस समय उसके साथ विश्वासघात किया गया था. पोस्ट में लिखा गया कि इस घटनाक्रम में शामिल तीनों नेताओं की सजा का अभी एक चक्र ही पूरा हुआ है. आरजेडी ने सवाल उठाया कि गठबंधन तोड़ने वाले, इसे तुड़वाने वाले और सरकार बचाने वाले आज किस स्थिति में हैं.

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