Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू होगा, जबिक 23 दिसंबर को सत्र का समापन होगा. इस बार संसद सत्र हंगामेदार रहने के आसार है. कई मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है. हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि शीतकालीन सत्र की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिये वो सभी दलों के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे और उन्हें उम्मीद है कि सत्र निर्बाध चलेगा और कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) में तय सभी मुद्दों पर सार्थक चर्चा होगी.

इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

गौरतलब है कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदलों सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने आगामी संसद सत्र के दौरान पेगासस जासूसी मामले, महंगाई, तीन कृषि कानूनों, ईडी-सीबीआई चीफ के कार्यकाल बढ़ाने को लेकर लाए गए अध्यादेश सहित कई अलग अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने की बात कही है.

कांग्रेस ने कहा है कि वह संसद के शीतकालीन सत्र में पेगासस जासूसी मामले और महंगाई के मुद्दे को जोरशोर से उठायेगी. तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को कहा था कि विपक्षी दल संसद सत्र के दौरान भारत को ‘निर्वाचित तानाशाही’ बनाने के प्रयास को रोकने के लिये हरसंभव प्रयास करेंगे. तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि उनकी पार्टी सत्र में, सरकार द्वारा अध्यादेश लाए जाने के साथ-साथ महंगाई, किसानों के विरोध प्रदर्शन, बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने जाने के मुद्दे भी उठायेगी.

सरकार चर्चा को तैयार: मुख्तार अब्बास नकवी

केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा के उपनेता मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को कहा था कि संसद के इस शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों में आसन की व्यवस्था के आधार पर सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है.

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