Budget 2026: जनवरी का महीना जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, आम बजट को लेकर लोगों की उत्सुकता भी बढ़ती जा रही हैं. इस बार भी यूनियन बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जाएगा. इसको लेकर आधिकारिक घोषणा हो चुकी है. बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से होगी. इस दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगी.

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इसके अगले दिन 29 जनवरी को आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा. 1 फरवरी को तत्कालीन वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट पेश करेंगी. देश का बजट किस तरह बनाया जाता है और इसमें कितना समय लगता है? इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को होती है. आइए जानते हैं, बजट बनाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में....

कैसे शुरू होती है बजट की तैयारी?

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केंद्रीय बजट बनाने का काम, बजट पेश होने से करीब 4 महीने पहले ही शुरू हो जाता है. इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स के बजट डिवीजन के पास होती है.

यह डिवीजन सभी मंत्रालयों से अगले वित्त वर्ष की योजनाओं और जरूरतों का ब्योरा मांगता है.  इन मांगों की समीक्षा के बाद सरकार तय करती है कि किस मंत्रालय को कितना बजट दिया जाएगा.

इकोनॉमी और उद्योगों की ली जाती है राय 

यूनियन बजट बनाने की प्रक्रिया में सरकार आम लोगों की राय समेत विभिन्न इंडस्ट्री के प्रमुखों, इकोनॉमिस्ट्स, ट्रेड यूनियंस के लोग, किसानों समूहों के प्रतिनिधियों की राय भी लेती है. देश के प्रमुख उद्योग चैंबर्स भी वित्त मंत्रालय को बजट से संबंधित अपनी उम्मीदों की जानकारी देते हैं.

इन सभी के उम्मीदों की सरकार समीक्षा करती है. एक बार जब पूरी बजट की रूपरेखा तैयार हो जाती है तो, वित्तमंत्री इसके बारे में देश के प्रधानमंत्री को जानकारी देते है. प्रधानमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद यूनियन बजट को फाइनल किया जाता है.

1 फरवरी को पेश होगा आम बजट

1 फरवरी को रविवार होने की वजह से लोगों के मन में संशय था कि, क्या इस साल का बजट 1 फरवरी को ही पेश होगा? हालांकि, सरकार ने इन संशयों पर रोक लगाते हुए बजट की तारीख तय कर दी है. इस साल का यूनियन बजट 1 फरवरी को ही पेश होने वाला है. 

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