SBI ATM Charges Increase: अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के ग्राहक हैं और अक्सर दूसरे बैंकों के एटीएम से कैश निकालते हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा खर्च के लिए तैयार रहना होगा. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने नॉन एसबीआई एटीएम से पैसे निकालने पर लगने वाले शुल्क में बढ़ोतरी की है.
जिससे बार-बार एटीएम इस्तेमाल करने वालों की जेब पर सीधा असर पड़ सकता है. आइए जानते हैं, इसका आपकी जेब पर कितना असर पड़ने वाला है?
एसबीआई ने दी जानकारी
बैंक के अनुसार, एटीएम और ऑटोमेटेड डिपॉजिट कम विदड्रॉल मशीन पर लगने वाली इंटरचेंज फीस में वृद्धि हुई है. जिसके कारण बैंक ने इस सर्विस के लिए चार्ज बढ़ाने का फैसला लिया गया है. इंटरचेंज फीस वह रकम होती है जो, एक बैंक के द्वारा दूसरे बैंक को एटीएम उपयोग के लिए दी जाती है.
सैलरी अकाउंट धारकों के लिए बदले नियम
एसबीआई की ओर से सैलरी अकाउंट रखने वाले ग्राहकों के लिए बदलाव करने का फैसला लिया गया है. अब तक जहां सैलरी अकाउंट धारकों को नॉन-एसबीआई एटीएम से अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती थी. उसे अब खत्म कर दिया गया है.
नई व्यवस्था के अनुसार, सैलरी अकाउंट धारक महीने में कुल 10 बार ही मुफ्त लेनदेन कर सकेंगे. जिसमें कैश निकालना और बैलेंस की जानकारी हासिल करना दोनों शामिल हैं. तय सीमा के बाद हर ट्रांजैक्शन पर बैंक द्वारा तय चार्ज देना होगा.
सेविंग अकाउंट वालों के लिए क्या बदला?
बैंक की ओर से सेविंग अकाउंट रखने वाले ग्राहकों के लिए फ्री ट्रांजैक्शन को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है. पहले की तरह ही वे नॉन-एसबीआई एटीएम से 5 बार फ्री ट्रांजैक्शन कर सकेंगे. हालांकि, इसके बाद एटीएम यूज करने पर चार्ज देना होगा. बैंक की ओर से चार्ज में बदलाव किया गया है.
5 बार की सीमा पूरी होने के बाद कैश निकालने पर 23 रुपये + GST देना होगा. पहले यह चार्ज 21 रुपये था. वहीं, बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट के लिए 11 रुपये + GST की रकम तय की गई है.
इन ग्राहकों को मिली राहत
बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को बैंक की ओर से राहत दी गई है. इन ग्राहकों के लिए पुराने नियम पहले की तरह ही मान्य होंगे. नई व्यवस्था के तहत इन अकाउंट धारकों से किसी तरह का नया चार्ज लेने की बात सामने नहीं आई है.
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