Continues below advertisement
अविनाश राय

अविनाश राय एबीपी लाइव में प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. अविनाश ने पत्रकारिता में आईआईएमसी से डिप्लोमा किया है और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रैजुएट हैं. अविनाश फिलहाल एबीपी लाइव में ओरिजिनल वीडियो प्रोड्यूसर हैं. राजनीति में अविनाश की रुचि है और इन मुद्दों पर डिजिटल प्लेटफार्म के लिए वीडियो कंटेंट लिखते और प्रोड्यूस करते रहते हैं.

टॉप स्टोरीज फ्रॉम अविनाश राय

प्रगति यात्रा के जरिए बिहार में बीजेपी का खेल बिगाड़ेंगे नीतीश कुमार?
भागवत के बयान पर संतों का घमासान क्या संघ प्रमुख के निशाने पर योगी थे?
बिहार में बीजेपी का खेल बिगाड़ेंगे नीतीश कुमार? समझें CM की यात्रा के मायने
भागवत के बयान पर संतों का घमासान, क्या संघ प्रमुख के निशाने पर 'योगी' हैं?
आखिर पंडित नेहरू की कैबिनेट से अंबेडकर ने इस्तीफा क्यों दिया था?
जेपीसी ही नहीं संसद में भी अटक जाएगा वन नेशन-वन इलेक्शन, वजह नंबर गेम है
184 मौतें, मंदिर पर ताला, संभल में हुए दंगे का जिम्मेदार कौन पता चल गया
इंदिरा की गलती से खत्म हुआ था एक देश एक चुनाव, भूल सुधार कर पाएंगे मोदी?
जेपीसी ही नहीं संसद में भी अटक जाएगा 'वन नेशन-वन इलेक्शन' बिल, वजह है नंबर गेम!
पीके को लगा दूसरा बड़ा झटका, बिहार एमएलसी चुनाव में पुराने साथी ने ही खेल कर दिया!
अखिलेश की बनाई पिच पर खेल गए राहुल, सपा को लगेगा बड़ा झटका!
असद का खेल खत्म, क्या सीरिया पर कब्जा करेगा इजरायल-तुर्की?
विपक्ष के 'अविश्वास' से जाएगी धनखड़ की कुर्सी, क्या है राज्यसभा का नंबर गेम?
बशर-अल-असद का खेल खत्म, क्या सीरिया पर कब्जा करेगा इजरायल-तुर्किए?
विपक्ष के 'अविश्वास' से जाएगी धनखड़ की कुर्सी, क्या है राज्यसभा का नंबर गेम?
सीरिया में हुए तख्तापलट का भारत पर क्या असर होगा?
केजरीवाल की दूसरी लिस्ट देखकर टेंशन में बीजेपी, कांग्रेस भी हैरान है!
सांसद बनते ही पलट गया खेल, यूपी में प्रियंका की बनाई टीम किनारे लग गई!
24 घंटे भी नहीं बीते और सीएम बनते ही शिंदे के साथ बड़ा खेल कर गए फडणवीस!
Rs 500 लेकर राज्यसभा में गए थे तो कहां से आ गई नोटों की गड्डियां?
संविधान में जिक्र नहीं फिर डिप्टी सीएम कैसे बन गए एकनाथ शिंदे-अजित पवार
एकनाथ शिंदे बीमार, दिल्ली में अजित पवार! क्या महाराष्ट्र में होने लगी राष्ट्रपति शासन की तैयारी?
एकनाथ शिंदे फिर बीमार, अब महाराष्ट्र में होगा राष्ट्रपति शासन?
एकनाथ शिंदे की बातें मानना अब BJP के लिए जरूरी या मजबूरी?
Sponsored Links by Taboola