Surya Grahan 2026 Highlights: साल का पहला सूर्य ग्रहण समाप्त, इस साल दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा ?
Surya Grahan 2026 Time India: 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा. भारतीय समयानुसार ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:26 पर होगी और रात 07:57 पर ग्रहण खत्म होगा. सूर्य ग्रहण अपडेट

बैकग्राउंड
Surya Grahan 2026 Time: साल का पहला सूर्य ग्रहण बहुत ही खास रहने वाला है, जोकि मंगलवार 17 फरवरी 2026 को लगेगा. इस दिन फाल्गुन महीने की अमावस्या तिथि रहेगी....More
- सूर्य ग्रहण की समाप्ति पर घर में पोछा लगाएं, पानी में सेंधा नमक डालकर पोछा लगाना चाहिए.
- परिवार के सभी सदस्य स्नान करें.
- मंदिर को अच्छी तरह साफ करें.
- पूरे घर में गंगाजल छिड़कें.
- भगवान की पूजा, आरती करें और फिर दान दें.
सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद आटा, दूध, घी, तेल, वस्त्र, गुड़, काले तिल, गर्म कपड़े या तांबे के बर्तन का दान अत्यंत शुभ होता है. मान्यता है इससे ग्रहण दोष शांत होते हैं और जीवन में परेशानी नहीं आती.
सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट की है. साल का पहला सूर्य ग्रहण 7.57 मिनट पर समाप्त होगा. ग्रहण की समाप्ति के बाद स्वंय और घर का शुद्धिकरण जरुर करना चाहिए. इससे ग्रहण के दोष खत्म होते हैं.
वृश्चिक राशि - आपका एक गलता फैसा आर्थिक संकट में फंसा देगा, पारिवार में तनाव की स्थिति कुछ दिन तक रहेगी. आपसी मतभेद बढ़ सकते हैं. राहु काम में बाधा डालने का कार्य करेगा, मन पर काबू रखना बेहद जरुरी.
मकर राशि - सेहत पर बुरा असर पड़ेगा. चिड़चिड़ापन घर का माहौल खराब कर सकता है. आपके लिए समय अभी कठिन और चुनौतिपूर्ण है. ऐसे में आप कोई ऐसा काम न करें, जिससे आपकी मुश्किलें कम होने की बजाय और बढ़ जाएं.
- सूर्य ग्रहण की वजह से प्राकृतिक आपदाओं का समय से ज्यादा प्रकोप देखने को मिल सकता है. इसमें भूकंप, बाढ़, सुनामी, विमान दुर्घटनाएं का संकेत हैं.
- फिल्म एवं राजनीति से दुखद समाचार, व्यापार में तेजी आएगी.
- वायुयान दुर्घटना होने की संभावना.
- पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा.
- आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन हड़ताल, बैंक घोटाला, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती हैं.
सूर्य ग्रहण अटार्कटिका सहित अर्जेंटीना, रियूनियन आईलैंड्स,बोत्सवाना, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र, जिम्बॉब्वे, चिली, मेडागास्कर, जाम्बिया, मलावी, मॉरीशस, कोमोरोस, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), फ्रांसीसी दक्षिणी क्षेत्र, लेसोथो, , मायोटे, मोजाम्बिक, , दक्षिणी जॉर्जिया/सैंडविच आईलैंड्स और तंजानिया में देखा जा सकता है.
सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से न देखें, इसके लिए ISO सर्टिफाइड सूर्य ग्रहण चश्मे का ही उपयोग करें. दूरबीन या टेलीस्कोप में सोलर फिल्टर लगा होना जरूरी है. खुली आंखों सूर्य ग्रहण देखने पर रेटिना को नुकसान हो सकता है.
आज का सूर्य ग्रहण वलायाकार सूर्य ग्रहण है. इस खगोलीय घटना के दौरान जब ग्रहण पीक पर होगा तब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच इस तरह आएगा कि वह सूर्य के मध्य भाग को तो ढक लेगा, लेकिन उसके किनारों को नहीं छिपा पाएगा. इसके परिणामस्वरूप सूर्य एक चमकती हुई सुनहरी अंगूठी या कंगन की तरह दिखाई देगा. इसे ही रिंग ऑफ फायर कहा गया है यानी आग का छल्ला.
आज का सूर्य ग्रहण वलायाकार सूर्य ग्रहण है. इस खगोलीय घटना के दौरान जब ग्रहण पीक पर होगा तब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच इस तरह आएगा कि वह सूर्य के मध्य भाग को तो ढक लेगा, लेकिन उसके किनारों को नहीं छिपा पाएगा. इसके परिणामस्वरूप सूर्य एक चमकती हुई सुनहरी अंगूठी या कंगन की तरह दिखाई देगा. इसे ही रिंग ऑफ फायर कहा गया है यानी आग का छल्ला.
- सिंह राशि - ऊँ क्लीं ब्रह्मणे जगदाधाराय नमः, मंत्र जाप करें और ग्रहण की समाप्ति पर तांबे की चीजों का दान करें.
- कन्या राशि- कन्या राशि ऊँ नमो प्रीं पीताम्बराय नमः मंत्र का जाप करें. और समाप्ति पर गाय को हरा चारा खिलाएं.
- तुला राशि- तुला राशि वाले ऊँ तत्त्वनिरजनायतारकरामाय नमः मंत्र का जाप करें और ग्रहण काल खत्म होने पर दूध का दान करें.
मिथुन राशि -सूर्य ग्रहण की समाप्ति तक ऊँ क्लीं कृष्णाय नमः, मंत्र जाप के पश्चात् मूंग को वस्त्र सहित किसी देवी मंदिर अथवा विष्णु मंदिर में चढ़ा दें.
कर्क राशि - ऊँ हिरण्यगर्भाय अव्यक्तरूपिणे नमः, मंत्र जाप करें और ग्रहण की समाप्ति पर दाल का दान करें.
मेष राशि: - मेष राशि वाले जातक लाल कपड़े में मसूर की दाल एवं गुड़ बांधकर अपने सामने रख लें तथा घी का दीपक जलाकर ऊनी आसन पर बैठ जायें. हाथ जोड़कर अपने इष्टदेव का ध्यान करें. 108 बार जाप करें- ऊँ हृीं श्रीं लक्ष्मीनारायणाय नमः
वृष राशि - वृष राशि वाले जातक सफेद कपड़े में चावल बांध कर अपने सामने रख लें तथा कपूर की टिकिया एवं घी का दीपक जला लें. ऊनी आसन पर बैठकर अपने इष्टदेव का ध्यान कर निम्न मंत्र की एक माला जाप करें - ऊँ गोपालाय उत्तर ध्वजाय नमः मंत्र जाप के पश्चात् उक्त चावलों व कपड़े को किसी मंदिर में दान कर दें.
- भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.
- सूर्य मंत्र का जाप करें- "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः"
- गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए. इससे मानसिक बल मिलता है और नकारात्मकता हावी नहीं होती
साल का पहला सूर्य ग्रहण कुंभ रात्रि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा. ग्रहण काल के दौरान कर्क लग्न समेत कई ग्रह अष्टम भाव में एक साथ स्थित होंगे, जिसे सामान्य रूप से अशुभ माना जाता है.
ज्योतिषीय के मुताबिक इसका प्रभाव मुख्य रूप से पश्चिमी देशों में देखने को मिल सकता है, जहां भारी बारिश, तूफान या प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती है.
- गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की कढ़ाई और सिलाई आदि के काम नहीं करने चाहिए.
- घर से बाहर न निकलें
- उन्हीं चीजों का सेवन करें जिसमें तुलसी दल डाला हो.
- मंत्रों का जाप निरंतर करते रहें.
- भगवान को स्पर्श न करें.
भारतीय समयानुसार
ग्रहण शुरू - दोपहर 3.26
ग्रहण का चरम - शाम 5.42
ग्रहण की समाप्ति - रात 7.57
- कुंभ राशि - बिजनेस में हानि के योग, पार्टनर के साथ गलतफहमियां बढ़ सकती है.
- मेष राशि - किसी भी विवाद को कोर्ट-कचहरी ले जाने की बजाय बातचीत से निबटाना ही आपके लिए बेहतर रहेगा.
- कन्या राशि - जोखिम भरे निवेश से बचना होगा. कला के क्षेत्र में कोई समस्याएं आपका तनाव बढ़ा सकती हैं.
खगोल वैज्ञानिक और ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य ग्रहण भारत के किसी भी क्षेत्र में दिखाई नहीं देगा. धार्मिक दृष्टि से जिस स्थान पर ग्रहण दृश्यमान नहीं होता, वहां ग्रहण का सूतर भी मान्य नहीं होता है. इसलिए आज लगने वाले सूर्य ग्रहण से दिल्ली-एनसीआर के लोगों के जनजीवन या कामकाज पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं दिख रही है.
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण से क्या प्रभावित होगा दिल्ली-NCR या सब कुछ रहेगा नॉर्मल, जानें
17 फरवरी 2026 साल का पहला सूर्य ग्रहण ज्योतिष और धार्मिक नजरिए से अशुभ माना जाता है. पंचांग के मुताबिक, आज से ही पंचक की शुरुआत होगी, मंगलवार का दिन होने के कारण इसे अग्नि पंचक भी कहा जाता है.
हालांकि सूर्य ग्रहण का बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा. लेकिन अग्नि पंचक में 5 दिनों तक विशेष सावधानी बरतनी होंगी, क्योंकि अग्नि पंचक में गर्मी, आग, दुर्घटना आदि का भय रहता है. अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-
Ashubh Yog: 17 फरवरी का मंगल बन सकता है अमंगल, होंगी ये 5 अशुभ घटनाएं
आज लगने वाला सूर्य ग्रहण 12 बजकर 12 मिनट पर अपने चरम पर होगा. इस दौरान दुनियाभर के अलग-अलग देशों में लोग आसमान में आसानी से रिंग ऑफ फायर देख सकेंगे. 2 मिनट 20 सेकेंड पीक पर रहने के बाद ग्रहण कम होने लगेगा, जो कि शाम को 7 बजकर 57 मिनट पर खत्म हो जाएगा.
वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य ग्रहण के साथ चंद्र ग्रहण भी लगता है. वलयाकार सूर्य ग्रहण के लगभग 2 हफ्ते बाद एक पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा.
जब चंद्रमा सूर्य को पूर्ण रूप से ढक नहीं पाता है, तो किनारों पर आगे के छल्ले जैसी रोशनी दिखाई देती है, उसे ही 'Ring of Fire' कहते हैं.
आज साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. भारत समेत कई देशों में ये दिखाई नहीं देगा, जबकि कई देशों में दिखाई देगा. अगर आप भी खगोल प्रेमी हैं, तो घर बैठे-बैठे सूर्य ग्रहण को अपने फोन में लाइव देख सकते हैं.
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज 17 फरवरी को कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगा है. यह रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire) सूर्य ग्रहण है, जिसे देखने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता होती है.
जानिए भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण कितने बजे लगेगा और नोएडा, दिल्ली, लखनऊ या जयपुर जैसे शहरों में सूर्य ग्रहण दिखाई देगा या नहीं.
शहर के अनुसार ग्रहण का समय
नोएडा (Nodia)- दोपहर 3:26 बजे से शाम 7:57 बजे तक
दिल्ली (Delhi)- दोपहर 3:26 बजे से शाम 7:57 बजे तक
लखनऊ (Lucknow)- दोपहर 3:26 बजे से शाम 7:57 बजे तक
जयपुर (Jaipur)- दोपहर 3:26 बजे से शाम 7:57 बजे तक
मेष
करियर, पद और मान-सम्मान पर असर पड़ेगा. वरिष्ठ अधिकारियों या पिता से जुड़ा कोई मुद्दा उभर सकता है. जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान देगा.
वृषभ
भाग्य और यात्रा से जुड़े मामलों में रुकावटें आएंगी. विदेश, कोर्ट या पढ़ाई से जुड़ी योजनाएं अटक सकती हैं. धैर्य रखना जरूरी होगा.
मिथुन
धन, निवेश और रिश्तों में तनाव. किसी पर भरोसा करके पैसा देना या जोखिम लेना भारी पड़ सकता है.
कर्क
विवाह और पार्टनरशिप प्रभावित होगी. रिश्तों में दूरी या गलतफहमी बढ़ सकती है. सच्चाई सामने आएगी.
सिंह
स्वास्थ्य और नौकरी दोनों पर दबाव. काम का तनाव बढ़ेगा और शरीर थकावट दिखाएगा. अनदेखी नुकसान दे सकती है.
कन्या
प्रेम, संतान और रचनात्मक कार्यों में उलझन. भावनाओं में लिया गया फैसला बाद में पछतावा दे सकता है.
हिंदू शास्त्रों के अनुसार,ग्रहण से पहले स्नान करके भगवान का ध्यान करना चाहिए ताकि नकारात्मक ऊर्जा करीब न आए.
मंदिरों के कपाट बंद रखने चाहिए, क्योंकि उस समय देव शक्तियां सक्रिय नहीं मानी जातीं, केवल मंत्र जाप करना ही सही माना जाता है.
शास्त्रों के अनुसार ग्रहणकाल के दौरान भोजन “अशुद्ध” हो जाता है, इसलिए उपवास या केवल जल लेना ही उचित माना गया है.
मान्यता है कि इस समय सोने से मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा कमजोर होती है, जिसे सही नहीं माना जाता है.
स्नान कर के शरीर और वातावरण की शुद्धि की जाती है, फिर ही पूजा या भोजन किया जाता है.
ग्रहण के बाद गरीबों को अन्न, वस्त्र या धन देना पुण्यफल को कई गुना बढ़ाता है.
आप भारत के दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, मुंबई, जयपुर, हैदराबाद, भोपाल, भुवनेश्वर आदि जैसे किसी भी शहर में रहते हो, वहां सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. इसका अहम कारण यह है कि भारत में सूर्य क्षितिज के नीचे रहेगा, इसलिए देख पाना संभव नहीं है. इन सभी शहरों के लोग सूतक से मुक्त रहकर अपने सामान्य कार्य कर सकते हैं. Surya Grahan 2026 Time: भारत में कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण, क्या दिल्ली, नोएडा, लखनऊ और जयपुर में भी दिखेगा?
सूर्य ग्रहण को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक भी मान्य रहेगा और ना ही ग्रहण का प्रभाव पड़ेगा. इसलिए भारतीय निश्चिंत रहें और धार्मिक कार्य बिना किसी झिझक के पूरा करें. हालांकि ग्रहण का असर कुछ राशियों पर पड़ सकता है. Surya Grahan 2026: 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण लग रहा है क्या, क्यों हो रही चर्चा
ज्योतिष के अनुसार, सूर्य और राहु कुंभ राशि में एक साथ हैं, जिससे ग्रहण योग बना है. सूर्य ग्रहण का सबसे अधिक असर कुंभ राशि पर पड़ेगा, क्योंकि कुंभ राशि में ही ग्रहण लग रहा है. इस समय मानसिक उलझन या निर्णय लेने में भ्रम महसूस हो सकता है.
सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पहले लग जाता है. हालांकि जिन स्थानों पर ग्रहण दृश्यमान नही होता, वहां सूतक मान्य नहीं होता. ग्रहण के सूतक में मंदिर के पट बंद हो जाते हैं. पूजा पाठ, खाना-पीना, शुभ कार्य जैसे कार्य भी सूतक में नहीं किए जाते.
फाल्गुन मास की अमावस्या पर इस बार सूर्य ग्रहण का संयोग है. ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा का प्रभाव हर व्यक्ति पर पड़ता है, इसलिए आज मानसिक शांति बनाए रखें. साथ ही अमावस्या तिथि होने के कारण आज का दिन आत्म-मंथन और पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए भी उत्तम माना जाता है.
सूर्य ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मॉरिशस, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों जैसे अर्जेंटीना और चिली में दिखाई देगा.
- बिना फिल्टर वाले चश्मे से सूर्य न देखें.
- एक्स-रे फिल्म, धूप का चश्मा या पानी में प्रतिबिंब देखना सुरक्षित नहीं
- प्रमाणित सोलर फिल्टर या टेलीस्कोप का इस्तेमाल करें
सूर्य गायत्री मंत्र- ॐ भास्कराय विद्महे महातेजाय धीमहि तन्नो सूर्य: प्रचोदयात्।
सूर्य बीज मंत्र- ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
सूर्य का तांत्रिक मंत्र- ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
सूर्य का वैदिक मंत्र- ॐ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यञ्च।
हिरण्ययेन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन्।।
ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:36 पर होगी और शाम 05:41 पर सूर्य ग्रहण पीक पर होगा. इस समय सूर्य का 96.2 प्रतिशत भाग चंद्रमा के द्वारा ढक लिया जाएगा.
17 फरवरी को सूर्य ग्रहण अवश्य है, लेकिन यह भारत की संपूर्ण भूमि पर दृश्य नहीं होगा. इसलिए सूतक, दान-नियम या ग्रहण काल की कोई मान्यता नहीं मानी जाएगी. पूजा-पाठ, जप, स्नान आदि पूर्णतः मान्य रहेंगे. अतः किसी भी प्रकार के भ्रम या भय से बचें.
आज सूर्य ग्रहण के साथ ही अमावस्या तिथि भी रहेगी. अमावस्या के दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण और पूजन आदि किए जाते हैं. लेकिन ग्रहण लगने के कारण लोच सोच रहें कि ये कार्य कैसे करें.
आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण का असर भारत में नहीं रहेगा, इसलिए आप सभी कार्य कर सकते हैं.
नहीं, आज 17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और ना ही सूतक मान्य होगा.
सूर्य ग्रहण की शुरुआत आज दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से होगी. लगभग 4 घंटे 31 मिनट तक ग्रहण का प्रभाव रहेगा और रात 07:57 पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा.
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण शनि की राशि कुंभ में लगने जा रहा है. साथ ही यह ग्रहण धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा.
सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं- आंशिक, वलयाकार और पूर्ण. सभी सूर्य ग्रहण एक जैसे नहीं होते. चंद्रमा द्वारा सूर्य का कितना भाग ढका जाता है, यह निर्धारित करता है कि आप आंशिक, वलयाकार या पूर्ण ग्रहण देख पाएंगे या नहीं.
फाल्गुन अमावस्या पितरों के श्राद्ध व तर्पण के लिए शुभ तिथि मानी जाती है. लेकिन इसी दिन सूर्य ग्रहण लग रहा है. सूर्य ग्रहण में धार्मिक कार्य वर्जित होते हैं. हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए पूजा-पाठ और पितरों का श्राद्ध व तर्पण जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे.
सूर्य ग्रहण का एनुलर फेज (रिंग ऑफ फायर) सिर्फ अंटार्कटिका में दिखेगा. इसके अलावा आंशिक ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, जाम्बिया, जिम्बाब्वे, लेसोथो,चिली, कोमोरोस, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस, मायोटे, मोजाम्बिक, नामीबिया, रियूनियन आईलैंड्स में देखा जा सकेगा.
- सूर्य ग्रहण का सबसे अधिक असर गर्भवती महिला पर पड़ता है. इसलिए इस दौरान गर्भवती महिला को घर से बाहर निकलने, सिलाई-कटाई जैसे कार्य करने, भोजन पकाने जैसे कई कार्य नहीं करने चाहिए. लेकिन सूतक लागू न होने के कारण इस बार कोई पाबंदी नहीं रहेगी.
- सूर्य ग्रहण की नकारात्मक किरणों का असर छोटे बच्चों की आंखों पर सबसे अधिक पड़ता है. इसलिए ग्रहण काल में बच्चों को बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है. लेकिन इस बार बच्चे भी सामान्य दिनों की तरह अपने कार्य कर सकते हैं और बाहर जा सकते हैं.
- सूर्य ग्रहण में बजुर्गों को भी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए. लेकिन फरवरी में लगने वाले ग्रहण को लेकर आपको भी चिंता करने की कोई बात नहीं है.
सूर्य ग्रहण में सूतक की अवधि ग्रहण लगने के 12 घंटे पूर्व ही शुरू हो जाती है. लेकिन चूंकि साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक भी मान्य नहीं रहेगा. सूतक का अभाव होने पर सभी तरह के धार्मिक कार्य किए जा सकेंगे.
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण फाल्गुन अमावस्या पर 17 फरवरी को शनि की राशि कुंभ में लगेगा. ज्योतिष की माने तो 37 साल बाद कुंभ राशि में सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है.
Forbes की रिपोर्ट और खलोगविदो की मानें तो, वलयाकार सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूरज की डिस्क को करीब 96 फीसदी तक ढक लेता है.
- सूर्य ग्रहण की शुरुआत- दोपहर 3 बजकर 26 मिनट
- सूर्य ग्रहण का मध्य- शाम 5 बजकर 42 मिनट
- सूर्य ग्रहण की समाप्ति- रात 7 बजकर 57 मिनट
- ग्रहण की कुल अवधि- 4 घंटे 31 मिनट
17 फरवरी को साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है. इस दिन भौमवती अमावस्या रहेगी. साथ ही अग्नि पंचक की शुरुआत भी इसी दिन से हो रही है.
भारत में साल का पहला सूर्य ग्रहण दिखाई नही. जिन देशों में वलयाकार सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा वे नासा के यूट्यूब चैनल पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं.
- हिंदी न्यूज़
- ऐस्ट्रो
- Surya Grahan 2026 Highlights: साल का पहला सूर्य ग्रहण समाप्त, इस साल दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा ?