Mamata Banerjee Bengal Election 2026: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पश्चिम बंगाल में लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहीं. लेकिन 4 मई 2026 को आए विधानसभा चुनाव के परिणाम ने ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छीन ली.

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पश्चिम बंगाल (West Bengal में लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहने के बाद चौथी बार ममता को जनता-जनादेश का साथ नहीं मिला. अब बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है. 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह (West Bengal oath ceremony) होगा. ममता की हार के बाद ऐसे कई पक्ष सामने आ रहे हैं, जो टीएमसी की हार की मुख्य वजह रहें.

वहीं ज्योतिष आकंलन के अनुसार, ममता बनर्जी की कुंडली पर नजर डालें तो उनकी हार के जिम्मेदार शनि-मंगल की युति (Shani Mangal) और केतु ग्रह की अशुभ स्थिति को बताया जा रहा है. आइए पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक और देश के जाने-माने प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अनीष व्यास जानते हैं ममता दीदी के साथ खेला करने वाले इन ग्रहों के बारे में.

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ममता बनर्जी की हार की बड़ी वजह! (Mamata Banerjee Why Loss Bengal Election 2026)

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (Vidhan Sabha Chunav) के परिणाम 4 मई को जारी किए गए, जिसके अनुसार, कुल 294 सीटों में 293 सीटों पर चुनाव हो चुके हैं और 21 मई को फाल्टा सीट पर फिर से मतदान होंगे. बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस केवल 80 सीटों में सिमट कर रह गई. इतना ही नहीं ममता बनर्जी को दक्षिण कोलकाता की भबानीपुर सीट से भाजपा (BJP) के सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) से भी जबरदस्त हार मिली.

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ममता बनर्जी के ग्रहों का रिपोर्ट कार्ड

इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को हुआ. इनकी कुंडली मकर लग्न की है. कुंडली में सूर्य मकर में और चंद्रमा वृषभ में है, जो ममता के स्वाभाव को जिद्दी बनाता है, लेकिन साथ ही मेहनती भी बनाता है और जनता से जुड़कर रहने की शक्ति देता है. हालांकि, 2026 में कुंडली में शनि और मंगल की युति चुनौती पैदा कर रही है. ममता बनर्जी पर शनि की अंतर्दशा चल रही है. इस समय उनकी राशि से अष्टम भाव में मंगल और शनि की युति बनी है, जो उनके व्यय भाव में विराजमान हैं. इसलिए चौथी बार सत्ता में आना मुश्किल हो गया.

ममता बनर्जी की राशि में केतु का काल

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ममता की नाम राशि ‘सिंह’ (Leo) है. सिंह राशि में इस समय केतु विराजमान है, जिससे सत्ता, शासन का नेतृत्व पाना मुश्किल हो जाता है. केतु के सिंह राशि में होने से अहंकार बढ़ता है और मन मुताबिक परिणाम नहीं मिलते.

ये भी पढ़ें: West Bengal Famous Temples: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध मंदिर, चौथे नंबर वाला तो है विश्व का सबसे बड़ा मंदिरDisclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.