और भगवान शिव की पहली पत्नी थीं.
दक्ष के यज्ञ में पति (शिव) का अपमान न सह पाने के कारण आत्म दाह कर लिया था.
अपने कंधे पर उठाकर तांडव करना शुरू कर दिया था.
भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को 51 भागों में काट दिया.
जिससे पूरे ब्रह्मांड को प्रलय का खतरा था.
दुखी होकर माता सती ने यज्ञ की अग्नि में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए थे.
जिससे पूरे ब्रह्मांड में प्रलय आ गई.
भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र का उपयोग करके सती के शरीर को टुकड़ों में काट दिया.
और उन्हीं स्थानों पर आज 51 शक्तिपीठ स्थापित हैं, जहां देवी सती के अंग गिरे थे.