इनकी साधना से मूलाधार चक्र जाग्रत होता है.
इनकी पूजा से साधक को कठिन साधना की शक्ति मिलती है.
जो आंतरिक भय को नष्ट करती हैं.
जिनकी साधना से सिद्धियों और ऊर्जा का विस्तार होता है.
जो साधक की विशुद्ध चक्र की साधना को सफल बनाती हैं.
जो आज्ञा चक्र को जाग्रत करने में सहायक हैं.
गुप्त नवरात्रि की मध्यरात्रि में इनकी तंत्र साधना का विशेष महत्व है.
जो कठिन साधना के बाद आत्मशुद्धि देती हैं.
गुप्त विद्याओं को प्रदान करने वाली अंतिम परम शक्ति हैं.