हिंदू धर्म में कलियुग को चार युगों

का अंतिम और अधर्म का युग माना गया है.

Published by: अणिमा शुक्ला
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भागवत पुराण और विष्णु पुराण में

कलियुग के कई संकेत बताए गए हैं.

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इस युग में लोग धीरे-धीरे धर्म

और सच्चाई से दूर होने लगते हैं.

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रिश्तों में प्यार और अपनापन

कम होकर स्वार्थ बढ़ सकता है.

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लोगों की पहचान उनके अच्छे स्वभाव से नहीं,

बल्कि धन और पद से होने लगती है.

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बाढ़, सूखा और बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं

को भी कई लोग इससे जोड़कर देखते हैं.

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कुछ लोगों का मानना है कि आज के समाज

में ऐसे कई बदलाव दिखाई दे रहे हैं.

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कल्कि अवतार का आगमन कलियुग के अंत

और नए युग की शुरुआत का संकेत होगा.

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कलियुग की चर्चा हमें अपने कर्मों और जीवन

मूल्यों पर विचार करने की सीख देती है.

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फिर भी सच्चाई, अच्छे कर्म और ईमानदारी

का महत्व हमेशा सबसे बड़ा रहता है.

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