सबसे विकसित देशों में गिने जाने वाले जापान में जन्मदर बेहद कम हो गई है. वहां 12.60 करोड़ लोग रहते हैं.



जापानी सरकार ने माना है कि उनके देश में लोगों की तादाद घट रही है, क्योंकि जन्मदर में वृद्धि नहीं हो रही.



टोक्यो स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन एंड सोशल सिक्योरिटी रिसर्च की रिपोर्ट देखी जाए तो चिंता और बढ़ जाती है.



रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 33 साल में जापान की आबादी 10 करोड़ से भी कम रह जाएगी.



छह साल पहले जारी अनुमान में बताया गया था कि जापान में प्रति महिला शिशु जन्म दर 1.44 है. बाद में यह घटकर 1.36 रह गई.



चिंता की बात ये भी है कि 2022 में जापान में 8 लाख से कुछ कम बच्चों का जन्म हुआ था.



अगर कम जन्म दर बनी रही, तो साल 2059 में जापान में सिर्फ 4 लाख 96 हजार शिशुओं का जन्म होगा.



अगर जापान में उत्पादकता नहीं बढ़ी, तो घटती आबादी को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि जापान आर्थिक रूप से एक कमजोर देश बन जाएगा.



रिपोर्ट कहती है कि अगर सिर्फ जापानी मूल के लोगों की संख्या पर गौर किया जाए, तो यह साल 2048 तक ही 10 करोड़ से नीचे आ जाएगी.



जापान में जनसंख्या संबंधी अनुमान में हर 5 साल पर संशोधन किए जाते हैं, लेकिन इस बार ताजा अनुमान 6 साल बाद घोषित हुए हैं.



2016 से 2019 तक जापान में औसतन हर साल 70 हजार लोग आकर बसते थे, लेकिन अब यहां आंकड़ा 1 लाख 60 हजार तक पहुंच जाने का अनुमान है.



अनुमान है कि साल 2070 तक जापान की कुल आबादी 8 करोड़ 70 लाख रहेगी, जबकि अभी यह 12 करोड़ 60 लाख है.