क्या होता है स्पर्म काउंट

Published by: एबीपी लाइव
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जब प्रेग्नेंसी की प्लानिंग शुरू होती है तो सबसे पहला सवाल जो पुरुषों के मन में आता है, वह है कि स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए

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WHO यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, नॉर्मल स्पर्म काउंट कम से कम 15 मिलियन प्रति मिलीलीटर सीमेन में होना चाहिए

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वहीं, एक पूरे इजैकुलेट में कुल स्पर्म काउंट 39 मिलियन या उससे ज्यादा होना नॉर्मल माना जाता है

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इससे कम होने पर इसे लो स्पर्म काउंट यानी ऑलिगोस्पर्मिया कहा जाता है

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स्पर्म काउंट का मतलब है एक मिलीलीटर सीमेन यानी वीर्य में कितने स्पर्म मौजूद हैं, यह संख्या सीमेन एनालिसिस टेस्ट से पता चलती है

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हालांकि, सिर्फ स्पर्म काउंट देखना काफी नहीं है. स्पर्म की मोटिलिटी, मॉर्फोलॉजी और सीमेन वॉल्यूम भी उतने ही जरूरी हैं

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स्पर्म वेसेल्स हैं, जो पुरुष के टेस्टिकल्स में बनते हैं

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प्रेग्नेंसी के लिए सिर्फ एक स्पर्म की जरूरत होती है, जो अंडे यानी ओवम तक पहुंचे और उसे फर्टिलाइज करे

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जब स्पर्म काउंट 15 मिलियन से कम हो तो इसे लो स्पर्म काउंट या ऑलिगोस्पर्मिया कहते हैं

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