सिख समुदाय के लोग अक्सर कृपाण अपने साथ रखते हैं.

सरकार ने सिखों को घरेलू उड़ानों के दौरान कृपाण ले जाने की अनुमति दी है.

लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर सिखों को कृपाण ले जाने की अनुमति नहीं है.

संविधान के अनुच्छेद-25 में सिखों को अपने धार्मिक प्रतीक कृपाण को धारण करने का अधिकार दिया गया है.

लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर सिखों को कृपाण ले जाने की अनुमति नहीं है

कृपाण एक औपचारिक खंजर या छोटी तलवार है जो सिखों के लिए आस्था का प्रतीक है

एक सिख केवल तभी कृपाण ले जाने के लिए बाध्य है, जब वह अमृतधारी सिख है

कृपाण 9 इंच का होना चाहिए

इसमें ब्लेड की लंबाई 6 इंच और हैंडल की लंबाई 3 इंच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए

कृपाण को रखने का अर्थ गरीबों की सुरक्षा और अत्याचारियों का विनाश है