हिंदू धर्म में भगवान हनुमान की पूजा काफी होती है.



वो दसों दिशाओं, आकाश और पाताल के रक्षाकर्ता कहलाते हैं.



हनुमान जी के बचपन का नाम मारुति है.



मारुति बालपन से ही बहुत शक्तिशाली थे.



बालअवस्था में एक बार मारुति को बहुत भूख लगी.



उन्हें पेड़ पर की आड़ में एक लाल फल दिखाई दिया, वो फल नहीं सूर्य देव थे.



मारुति ने उसे निगल लिया, इसके बाद पूरे संसार में अंधेरा छा गया.



सभी देवताओं ने उनसे बाहर निकालने के लिए विनती की.



लेकिन मारुति हठ कर हैठे और अंत तक नहीं माने.



विवश होकर भगवान इंद्र को अपना व्रज उठाना पड़ा.



इंद्र देव ने अपने व्रज से मारुति के हनु यानी ठुड्डी पर



प्रहार किया, जिससे हनुमान जी का हनु टूट गया.



यही वजह है कि उनका नाम 'हनुमान' पड़ गया.