हिंदू धर्म शास्त्रों में दान देने का विशेष महत्व बताया गया है.

दान देना सबसे बड़ा पुण्य कर्म माना जाता है.

दान देने का पुण्य फल इस जन्म के साथ ही परलोक में भी मिलता है.

शास्त्रों में ऐसे पांच दान बताए गए हैं, जिन्हें महादान कहा जाता है.

विद्यालय, आश्रम, गौशाला, प्याऊ आदि के लिए किया गया भूमि दान महादान है.

गौ दान भी महादान है. गौ दान से परलोक में भी व्यक्ति का कल्याण होता है.

अन्न या सात्विक खाद्य सामग्रियों के दान को भी महादान की श्रेणी में रखा गया है.

सनातन धर्म में कन्यादान को भी महादान कहा जाता है.

इसके साथ ही शास्त्रों में विद्या के दान को श्रेष्ठ दान माना जाता है.