Post Office Schemes: रिटायरमेंट के बाद नियमित सैलरी बंद हो जाती है, इसलिए ज्यादातर लोग अपनी जमा पूंजी को लंबे समय तक सुरक्षित जगह निवेश करना चाहते हैं. ऐसे में पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं कई लोगों की पहली पसंद बनती हैं, जहां जोखिम कम होता है और रिटर्न पहले से तय रहता है. हालांकि, सिर्फ सुरक्षित निवेश करना ही काफी नहीं होता, क्योंकि समय के साथ बढ़ती महंगाई और बदलती जरूरतें भी आपकी वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या रिटायरमेंट के बाद सिर्फ पोस्ट ऑफिस की स्कीमों के भरोसे वित्तीय जरूरतें पूरी की जा सकती हैं?

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पोस्ट ऑफिस योजनाएं क्यों हैं लोकप्रिय?

  • इनमें सरकार की गारंटी होती है.
  • निवेश पर तय ब्याज दर और सुरक्षित रिटर्न मिलता है.
  • इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता.
  • वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) और मासिक आय योजना (MIS) जैसी स्कीमें नियमित आय का ऑप्शन देती हैं.

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सिर्फ पोस्ट ऑफिस स्कीम पर निर्भर रहना क्यों ठीक नहीं?

  • रिटायरमेंट के बाद स्वास्थ्य, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी चीजों का खर्च समय के साथ काफी बढ़ता है.
  • फिक्स्ड रिटर्न वाली योजनाएं हमेशा महंगाई की रफ्तार को नहीं पकड़ पातीं.
  • महंगाई की वजह से फ्यूचर में पैसों की असल कीमत कम हो सकती है.
  • अगर आपकी पूरी बचत निवेश में फंसी हो, तो अचानक जरूरत पड़ने पर नकदी की परेशानी हो सकती हैं.
  • इसमें पूरी रकम तुरंत निकालना आसान नहीं होता.

रिटायरमेंट प्लान में किन बातों का रखें ध्यान?

  • अलग-अलग योजनाओं में कुछ रकम रखें, ताकि नियमित आय बनी रहे.
  • इमरजेंसी फंड हमेशा अलग से तैयार रखें.
  • अपनी जोखिम क्षमता के मुताबिक कुछ निवेश ऐसे जगहों पर करें, जो लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकें.
  • निवेश से पहले यह तय करें कि हर महीने आपको कितनी रकम की जरूरत होगी.

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