क्या है 'ढांचा विध्वंस' का पूरा मामला, 30 सितंबर को आने वाला है फैसला| Ganga Prime| ABP Ganga
ABP Ganga | 29 Sep 2020 09:55 PM (IST)
अयोध्या में ढांचा विध्वंस मामले में 28 साल के लंबे इंतजार के बाद सीबीआई की विशेष अदालत कल यानी की 30 सितंबर को अपना फैसला सुनाने जा रही है. ढांचा विध्वंस मामले में अयोध्या आंदोलन से जुड़े BJP के कई नेताओं पर आरोप है. जिनमें पूर्व वरिष्ठण भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और राम विलास वेदांती समेत कुल 32 लोग आरोपी हैं. अदालत ने इन सभी आरोपियों को सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है. इस मामले में एक दो नहीं बल्कि कुल 49 एफआईआर दर्ज की गई थी और सुनवाई के दौरान 17 आरोपियों की मौत हो चुकी है. जबकि 32 के खिलाफ बुधवार को अदालत फैसला सुनाएगी. 25 साल तक बाबरी विध्वंस मामले में आईपीसी की धारा 120 बी यानी साजिश रचने की धारा नहीं लगाई गई थी, लेकिन 30 मई 2017 को सीबीआई की विशेष अदालत ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा और विष्णु हरि डालमिया पर आईपीसी की धारा 120 बी के तहत साजिश रचने का आरोप भी शामिल किया था. वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपालदास की भी कोर्ट में पेशी होनी था.. लेकिन बीमारी के चलते वो कोर्ट में पेश नहीं हो पाएंगे. अब अदालत तय करेगी कि अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा साजिशन गिराया गया था या कारसेवकों के गुस्से में ढांचा तोड़ दिया गया, लेकिन अगर बीजेपी नेताओं पर लगे आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो उन्हें 2 साल से लेकर 5 साल की सजा हो सकती है.