NEET
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET भारत में मेडिकल और डेंटल शिक्षा में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली नेशनल राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है. इस परीक्षा के माध्यम से MBBS, BDS, BAMS, BHMS, BUMS सहित कई मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाता है. वर्तमान में NEET का आयोजन National Testing Agency (NTA) द्वारा किया जाता है. NEET परीक्षा का उद्देश्य पूरे देश में एक समान और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करना है. पहले अलग-अलग राज्यों और संस्थानों की परीक्षाएं होती थीं, जिससे छात्रों पर मेंटल और फाइनेंशियल प्रेशर बढ़ता था. NEET लागू होने से मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया सरल, निष्पक्ष और मेरिट आधारित बन गई है. यह परीक्षा मुख्य रूप से फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (जूलॉजी व बॉटनी) विषयों पर आधारित होती है. इसमें NCERT सिलेबस के हिसाब से सवाल पूछे जाते हैं, इसलिए कक्षा 11 और 12 की पढ़ाई NEET की तैयारी की बुनियाद मानी जाती है. यह एग्जाम ऑब्जेक्टिव टाइप (MCQ) होता है और इसमें नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान होता है, जिससे सटीकता की अहमियत बढ़ जाती है. NEET को देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में गिना जाता है. हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं, जबकि सीटों की संख्या सीमित होती है. ऐसे में सफल होने के लिए छात्रों को नियमित पढ़ाई, टाइम मैनेजमेंट, मॉक टेस्ट और मेंटल बैलेंस पर खास ध्यान देना पड़ता है. NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि उन छात्रों के लिए डॉक्टर बनने का एंट्री गेट है, जो समाज की सेवा करना चाहते हैं. यह परीक्षा न केवल ज्ञान का मूल्यांकन करती है, बल्कि अनुशासन, धैर्य और समर्पण की भी कसौटी है. यही वजह है कि NEET को देश की मेडिकल शिक्षा प्रणाली की रीढ़ माना जाता है.