Apple Vs Grok: ऐप्पल ने एलन मस्क की कंपनी xAI को धमकी दी थी कि वह उसके एआई चैटबॉट ग्रोक को अपने ऐप स्टोर से हटा सकती है. दरअसल, ग्रोक पर ऐप स्टोर की गाइडलाइंस का उल्लंघन करने का आरोप लगा था. बता दें कि पिछले कुछ समय से ग्रोक ऐप डीपफेक कंटेट को लेकर चर्चा में है. ग्रोक पर कई यूजर्स की डीपफेक फोटो और वीडियो क्रिएट की गई थी, जिसके बाद कई देशों में इस पर बैन लगाने तक की चर्चा हुई थी. इसे लेकर ऐप्पल ने अमेरिकी सांसदों को भी पत्र लिखा था.

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क्या है Apple Vs Grok का पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब ग्रोक पर अश्लील तस्वीरों का मामला तूल पकड़ रहा था, तब ऐप्पल पर इसके खिलाफ एक्शन लेने के लिए दबाव डाला गया था. कंपनी ने उस समय सार्वजनिक तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा था, लेकिन इसने ग्रोक और एक्स के अधिकारियों के साथ बातचीत की थी. ऐप्पल का मानना था कि ग्रोक और एक्स दोनों ही उसके ऐप स्टोर के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं. इसके बाद ऐप्पल ने दोनों ऐप्स की टीमों को कंटेट मॉडरेशन को बेहतर बनाने की प्लानिंग सौंपने को कहा था.

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ऐप्पल के एक्शन लेने पर हुई हलचल

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ऐप्पल की तरफ से प्लानिंग मागंने के बाद कंपनी ने ग्रोक ऐप का अपडेटेड वर्जन सौंपा था, लेकिन ऐप्पल ने इसे रिजेक्ट कर दिया. ऐप्पल का कहना था कि ऐप में जरूरी बदलाव नहीं किए गए हैं. इसके बाद एलन मस्क की कंपनी ने एक्स और ग्रोक के रिवाइज्ड वर्जन को ऐप्पल के साथ शेयर किया था. बता दें कि एक्स और ग्रोक दोनों का ही मालिकाना हक अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के पास है.

ग्रोक ने इमेज टूल में किए थे बदलाव

चारों तरफ से बढ़ते दबाव के बीच ग्रोक के इमेज जनरेशन टूल्स में बदलाव किए गए थे. कंपनी ने इसके इमेज-जनरेशन फीचर की एक्सेस को लिमिट कर दिया था और असली लोगों की फोटोज को एडिट करने पर भी रोक लगा दी थी. इसके बावजूद ग्रोक की इमेज जनरेशन कैपेबिलिटीज को लेकर चिंता बनी रही थी. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह टूल कुछ इलाकों में अब भी लोगों की उनकी सहमति के बिना अश्लील तस्वीरें बना रहा है. यह संख्या भले ही कुछ समय पहले की तुलना में कम हुई है, लेकिन कई यूजर्स ग्रोक की पाबंदियों को बाइपास करने में सफल रहे हैं.

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