आजकल लोगों के ज्यादातर काम डिजिटली पूरे होते हैं. इसके लिए बहुत से लोग फोन का इस्तेमाल करते हैं. तो बहुत से लोग लैपटाॅप से इन कामों को अंजाम देते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो कि न फोन में मुश्किल काम कर पाते हैं और न लैपटाॅप लटकाने की झंझट चाहते हैं. और ऐसे लोगों के लिए बढ़िया काम आता है टैबलेट यानी जो काम तो किसी लैपटॉप की तरह कर देता है. मगर उसे आप फोन की तरह कहीं भी ले जा सकते हैं.
यानी कह सकते हैं कि टैब एक फोन से ज्यादा और एक लैपटाप के बराबर काम कर देता है. कई लोग हैं जो अलग-अलग कंपनियों के टैब खरीदना पसंद करते हैं. जिनमें एप्पल का नाम तो सबसे टाॅप पर आता ही है. एप्पल कई ममलों में दूसरी बाकी कंपनियो से काफी ज्यादा आगे हैं. लेकिन बाजार में एप्पल के अलावा सैमसंग के टैब भी खूब बिक रहे हैं. आपके काम के हिसाब से कौन सा असली पैसा वसूल साबित होगा जान लें इस खबर में
इस मामले में iPad का कोई सानी नहीं
अगर आपकी प्रायरिटी बढ़िया पावर, हैवी गेमिंग, वीडियो एडिटिंग और सालों-साल बिना हैंग हुए चलने वाला लैपटॉप है. तो Apple का iPad आंख बंद करके ले सकते है. Apple अपने iPad में जो बायोरेनिक और एम-सीरीज के चिपसेट देता है. उनकी ताकत के आसपास भी कोई एंड्रॉयड टैबलेट आसानी से नहीं भटकता. इसका सबसे बड़ा फायदा यह मिलता है कि आप चाहे इसमें घंटों ग्राफिक्स का भारी काम करें फिर चार साल बाद इसे इस्तेमाल करें.
इसकी स्पीड पहले दिन जैसी ही स्मूथ बनी रहती है. इसके अलावा iPad का App इकोसिस्टम बहुत ज्यादा सही है. इसमें मिलने वाले Apps फोन वाले ऐप्स का बड़ा साइज नहीं होते बल्कि खास तौर पर बड़ी स्क्रीन के लिए डिजाइन किए जाते हैं. तो साथ ही एप्पल कम से कम 5 से 6 साल तक लगातार सॉफ्टवेयर अपडेट देता है. यही वजह है कि सालों बाद बेचने पर भी iPad की रीसेल वैल्यू बाजार में सबसे ज्यादा मिलती है.
इन मामलों Samsung पड़ता है भारी
दूसरी तरफ अगर आप फिल्में और वेब सीरीज देखने, मल्टीटास्किंग कामों के लिए टैबलेट ढूंढ रहे हैं तो Samsung बाजी मार ले जाता है. Samsung के टैबलेट्स का Aspect Ratio चौड़ा होता है जिसकी वजह से Youtube और OTT पर वीडियो देखते वक्त स्क्रीन के ऊपर-नीचे मोटी काली पट्टियां नहीं दिखतीं. इनकी एमोलेड स्क्रीन के कलर्स इतने शानदार होते हैं कि वीडियो देखने का मजा दोगुना हो जाता है.
लेकिन Samsung का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है बॉक्स के अंदर मुफ्त मिलने वाला एस-पेन. जहां Apple पेंसिल के लिए आपको अलग से 8 से 10 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं. वहीं Samsung यह Styles बिल्कुल फ्री देता है. इसके अलावा Samsung का डेक्स मोड आपके टैबलेट को एक क्लिक में बिल्कुल कंप्यूटर जैसी स्क्रीन में बदल देता है. इसमें आप मेमोरी कार्ड लगाकर स्टोरेज बढ़ा सकते हैं और पैनड्राइव लगाकर कोई भी फाइल आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं.
यह भी पढ़ें: गैलरी में फोटो न वीडियो फिर भी स्टोरेज फुल! कौन खा रहा फोन का स्पेस?
ऐसे पता करें आपके लिए बेस्ट क्या
अब बात आती आपके लिए सही गैजेट कौनसा होगा. अगर आप पहले से iPhone और Macbook इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको बिना सोचे iPad ही लेना चाहिए. Apple के इकोसिस्टम में फाइल शेयर करना, कॉल रिसीव करना और कॉपी-पेस्ट करना इतना आसान होता है कि आपका काम मिनटों में हो जाएगा. वहीं अगर आप एंड्रॉयड फोन यूजर हैं तो iPad में कुछ परेशानी आ सकती हैं.
बजट के नजरिए से देखें तो 26 से 30 हजार की शुरुआती रेंज में बेसिक iPad सही है. क्योंकि इस बजट के Android टैबलेट दो साल बाद धीमे पड़ने लगते हैं. लेकिन अगर आप 50 हजार से ऊपर खर्च कर रहे हैं. तो सैमसंग में ज्यादा फीचर्स वाले टैब ऑप्शन चेक कर सकते हैं
यह भी पढ़ें: व्हाट्सएप पर NO लिखते ही खाली हो जाएगा खाता, अब ऐसे ठग रहे स्कैमर
