उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने राजधानी लखनऊ और कानपुर के लिए बड़ा फैसला किया है. कैबिनेट की बैठक में दोनों जिलों के 10-10 रूट्स पर प्राइवेट ई बसें चलाने के प्रस्ताव को अनुमोदन मिल गया है. यह जानकारी नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने दी. कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस वार्ता में शर्मा ने कहा कि  नगरों में आने जाने वाले लोग जो आसपास के इलाकों से जो लोग आते जाते हैं उनके परिवहन की की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए यह प्रस्ताव दिया था कि प्राइवेट ऑपरेटर को हम लोग लाइसेंस दें और वो लोग बसें चलाएं. इसमें सरकार उनको कोई आर्थिक सपोर्ट नहीं देगी. सिर्फ  ई चार्जिंग वगैरह की व्यवस्थाएं दी जाएंगी. प्रयोग के रूप में कानपुर और लखनऊ के 10 रूट, कुल 20 रूट पर इस तरह की सुविधा देने का फैसला हुआ है.

शर्मा ने कहा कि वर्तमान में 15 नगर निगमों में 743 ई बसों का संचालन हो रहा है. कानपुर और लखनऊ में सभी बसें ई बसें होंगी. एक बस की कीमत लगभग 10 करोड़ के आसपास आएगी और थोड़ा उनकी जो चार्जिंग वगैरह की व्यवस्था है उस पर खर्च किया जाएगा. 12 वर्ष के लिए कॉन्ट्रैक्ट होगा. उनका  किराया तय करने का अधिकार सरकार के पास है.

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लखनऊ में क्या रूट होगा?

लखनऊ में चार बाग से बाराबंकी, कमता से एयरपोर्ट, बालागंज से मोहनलालगंज, बालागंज से विराजखंड, घंटाघर से माल थाना, स्कूटरिया से इंजीनियरिंग कॉलेज, चारबाग से देवा, चारबाग से कुर्सी, दुबग्गा से गंगागंज और घंटाघर से संडीला तक इन 10 रूट्स पर ई बसें चलेंगी.

कानपुर में क्या रूट?

कानपुर में राम देवी से जहानाबाद, फजलगंज से ऊरा, घंटाघर से अकबरपुर, कानपुर रेलवे स्टेशन से बिनकी, कानपुर रेलवे स्टेशन से बिठूर, कानपुर रेलवे स्टेशन से घटमपुर ,कानपुर रेलवेस्टेशन से आईआईटी, घंटाघर से मूसानगर, कानपुर सिटी से सर्कुलर रूट पर बसें चलेंगी.

दोनों ही जिलों में सभी रूट्स पर 10-10 बसें चलाई जाएंगी.