मिडिल ईस्ट में हो रही जंग का असर वृंदावन के मंदिरों में भी देखने को मिल रहा है , जिसके चलते मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के भोजन प्रसाद के मेन्यू में भी परिवर्तन किया जा रहा है. वृंदावन स्थित इस्कॉन मंदिर में गैस की कमी का असर अब सीधे तौर पर श्रद्धालुओं के प्रसाद भोजन व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है, हर दिन हजारों भक्तों के लिए तैयार होने वाले भोजन के मेन्यू में बदलाव किया गया है.

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2 कमर्शियल सिलेंडर से ही चलाया जा रहा है काम

मंदिर प्रशासन के अनुसार, पहले रसोई में प्रतिदिन करीब 10 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग होता था, लेकिन वर्तमान हालात में केवल 2 सिलेंडरों से ही काम चलाया जा रहा है. मिडिल ईस्ट में हो रही जंग  के चलते गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई कि अब रसोई में दो कोयले की भट्टियों और 1 गैस चूल्हे की मदद से भोजन तैयार किया जा रहा है.

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गैस की कमी के चलते भोजन के मेन्यू में हुआ बदलाव

भोजन व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है. पहले जहां सुबह श्रद्धालुओं को चावल, दाल और रोटी दी जाती थी, वहीं अब सुबह के समय खिचड़ी और दलिया परोसा जा रहा है. दोपहर के भोजन में पहले चावल, दाल, दो तरह की सब्जी और रोटी-पूड़ी मिलती थी , लेकिन अब इसमें एक सब्जी और रोटी  दी जा रही है. वहीं शाम के भोजन में भी साधारण दाल-रोटी और सब्जी ही दी जा रही है. बताया जा रहा है कि इस मंदिर में प्रतिदिन लगभग 5000 श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार होता है लेकिन गैस की कमी के चलते श्रद्धालुओं को मिलने वाले भोजन के मेन्यू में बदलाव कर दिया गया है.  

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