उत्तर प्रदेश एक अयोध्या में रामनगरी में पहुंचे महाभारत सीरियल में भीष्म पितामह का किरदार निभाने वाले अभिनेता मुकेश खन्ना ने रामलला के दर्शन किए और मंदिर की भव्यता की सराहना की. इस दौरान उन्होंने अयोध्या के विकास, राजनीति और फिल्मों से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. वे अयोध्या में राम मंदिर की भव्यता और यहां हुए बदलाव से काफी प्रभावित नजर आए.
मीडिया से बातचीत में मुकेश खन्ना ने कहा कि अयोध्या में बना राम मंदिर बेहद दिव्य और अलौकिक है और पूरे शहर का पुनर्निर्माण हो रहा है. उन्होंने कहा कि अयोध्या की खूबसूरती अब देखने लायक है और इसी तर्ज पर मथुरा में भी कृष्ण मंदिर का निर्माण होना चाहिए, जिसे उन्होंने हिंदुओं का अधिकार बताया. उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि अगर वह शक्तिमान होते तो अखंड हिंदू राष्ट्र की घोषणा कर देते.
विपक्ष पर साधा निशाना
राजनीति पर बोलते हुए मुकेश खन्ना ने संसद के कामकाज और विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि संसद सत्र में समाधान की बजाय समय बिताया जाता है और विपक्ष गंभीर मुद्दों को उठाने के बजाय केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने पर केंद्रित रहता है. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए.
योगी सरकार की तारीफ़
अयोध्या के विकास पर उन्होंने योगी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि शहर में काफी काम हुआ है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. उन्होंने कहा कि मुख्य शहर के बाहर निकलते ही विकास की जरूरत साफ नजर आती है और गांवों में अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है.
उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण ऐतिहासिक उपलब्धि है, लेकिन अब अयोध्या के स्थानीय लोगों के विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है. केवल मंदिर और मुख्य क्षेत्र को विकसित करने से संपूर्ण अयोध्या का विकास संभव नहीं है, बल्कि यहां की जनता को भी सुविधाएं मिलनी चाहिए. रामराज्य की कल्पना पर उन्होंने कहा कि असली विकास तब होगा जब समाज के निचले स्तर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचेंगी.
धुरंधर-2 को बताया बेहतर फिल्म
फिल्मों को लेकर उन्होंने ‘धुरंधर’ 2 को अच्छी फिल्म बताया और कहा कि ऐसी फिल्मों को चलना चाहिए. अतीक अहमद के किरदार से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों की जांच एजेंसियों का विषय है और बिना पूरी जानकारी के किसी भी फिल्म का विरोध करना सही नहीं है. उन्होंने ‘कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर फिल्मों के जरिए सच्चाई सामने लाई जा रही है तो इसमें कोई बुराई नहीं है.
