उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा चुनावी वर्ष में महिलाओं के लिए किए गए ऐलान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्हें इस मामले में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का भी साथ मिला है.  

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सोशल मीडिया साइट एक्स पर अखिलेश ने लिखा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं आज भी सपा बहादुर अखिलेश यादव के कुशासन (2012–17) को याद कर सिहर उठती हैं. उस समय न महिलाएं घर में सुरक्षित थीं, न छात्राएं स्कूलों और कॉलेजों में. वे अच्छी तरह से जानती हैं कि सपाई गुंडों से न उनका सुहाग सुरक्षित रहता है और न ही बेटियों का भविष्य. इसलिए अखिलेश यादव को महिलाओं के प्रति सम्मान दिखाने का ढकोसला बंद करना चाहिए.

बीजेपी नेता ने कहा कि बात साफ है कि भाजपा ही वर्तमान और भविष्य है, जो हर एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है. राज्य को ऐसी नापाक ताकतों से बचाकर रखना है, जो महिलाओं और बच्चियों की मुस्कान छीनने के लिए जानी जाती हैं. 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के साथ अपने उत्तर प्रदेश को कदमताल मिलाकर चलना है, इसलिए सपा बहादुर के लिए कोई वैकेंसी खाली नहीं है.

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प्रदेश की जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी- ब्रजेश

इसी मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, 'समाजवादी पार्टी का हाल वही है '100 चूहे खाकर बिल्ली हज पर चली'...समाजवादी पार्टी को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि उनके शासन काल में बहू बेटी की इज्जत आबरू लूटी जा रही थी. प्रदेश की जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी.'

वहीं मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा द्वारा 'महिला सम्मान निधि' योजना के तहत महिलाओं को ₹40,000 की वार्षिक सहायता देने की घोषणा करने पर कहा, ''न नौ मन गेहूं होई, न राधे गंवने जईहै', क्या 40 हजार रुपए अपने घर से देंगे?'