बरेली में योग नगरी एक्सप्रेस में चलती ट्रेन से मौलाना तौसीफ को धक्का देकर मारने के मामले में जीआरपी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने आरोपी पंकज राजपूत को मुरादाबाद से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
पत्नी की शिकायत ने खोला मामले का राज
मृतक मौलाना तौसीफ की पत्नी ने इद्दत की अवधि के दौरान बरेली पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. परिजनों और सूत्रों के अनुसार, पत्नी की शिकायत और सहयोग से जांच को नई दिशा मिली और पुलिस आरोपी तक पहुंच सकी.
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26 अप्रैल को हुई थी घटना
घटना 26 अप्रैल 2025 की है, जब मौलाना तौसीफ उर्स में शामिल होकर बरेली से किशनगंज (बिहार) जा रहे थे. कैंट थाना क्षेत्र में चलती ट्रेन में आरोपी पंकज राजपूत ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें धक्का देकर ट्रेन से नीचे गिरा दिया, जिससे मौलाना की मौत हो गई. शुरुआती जांच में यह मामला ब्लाइंड मर्डर माना जा रहा था. जीआरपी ने CCTV फुटेज, वीडियो क्लिप, सर्विलांस और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान की. पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल चोरी के शक और छोटे विवाद को लेकर हत्या करने की बात स्वीकार की है.
चुनौती पूर्ण केस को सुलझाया
जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि यह केस काफी चुनौतीपूर्ण था. यात्रियों से पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों और लगातार फॉलो-अप के बाद आरोपी को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया. अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके से की गई. मृतक की पत्नी द्वारा इद्दत के दौरान दी गई शिकायत को पुलिस ने अहम माना है, जिसने पूरे मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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