उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के दानपात्र में गबन का आरोप समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कथावाचक जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा, "वे सही नहीं कह रहे है. मैं केवल इनता ही कह सकता हूं कि एक रूपया भी चोरी नहीं हो रहा है." रामभद्राचार्य ने यह बयान आज लखनऊ में मीडिया के सवालों के जबाब में दिया है.
रामभद्राचार्य के मुताबिक इस तरह का आरोप नहीं लगाया और उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट पर पूरी तरह भरोसा जताया. फिलहाल उन्होंने इस पर और कुछ नहीं कहा सिवाय आरोपों के नकारने के बाद.
अखिलेश यादव ने लगाया था आरोप
यहां बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर में गबन का आरोप लगाते हुए बीजेपी पर निशाना साधा था, जिसके बाद प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है. ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के मुताबिक इस तरह की कोई गबन या गड़बड़ी नहीं हुई है. उन्होंने अखिलेश यादव के आरोपों को पूरी तरह नकारा है. जबकि ट्रस्ट द्वारा सफाई में देरी और महज चंद सेकेंडों की बात पर भी उंगली उठाई है.
साधू-संतों ने भी जताई नाराजगी
सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा इस मुद्दे पर आरोप लगाने के बाद अयोध्या के कई साधू-संतों ने भी उनकी मंशा पर उंगली उठाई, कई संतों ने इस धार्मिक नगरी को बदनाम करने का आरोप लगाया.उनके मुताबिक न सपा प्रमुख एक बार भी अयोध्या में राम मंदिर में दर्शन करने आए और न कोई चंदा दिया. जबकि गलत बयानबाजी कर रहे हैं.
अखिलेश यादव के स्थानीय सपा के पूर्व विधायक पवन पांडेय ने भी राममंदिर में चंदे और दान में गबन के गम्भीर आरोप लगाये हैं. कुछ रिपोर्ट्स में सीसीटीवी के आधार पर जांच की बात भी की जा रही है. लेकिन ट्रस्ट के स्पष्टीकरण और सपा के प्रतिरोध के चलते ये मामला अभी आगे बढ़ने की उम्मीद है.
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