UP News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के जल शक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख का कीचड़ भरी सड़क से गुजरना बिलासपुर नगर पालिका ईओ राजेश सिंह राणा पर भारी पड़ गया है. ये घटना 28 अगस्त की है. रामपुर की बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से चुने गए बलदेव सिंह औलख बिलासपुर के स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र में ऑक्सीजन सिलेंडर फिलिंग प्लांट का उद्घाटन करने जा रहे थें. इसी दौरान रास्ते में स्थानीय लोगों ने उन्हें उनकी गाड़ी से उतारकर सड़क की बदहाली दिखाने के लिए कीचड़ भरी सड़क पर चलाया था. जिसके बाद मंत्री जी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था. अब डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने राजेश सिंह राणा पर कार्यवाही करते हुए उनका 1 महीने का वेतन काट दिया है. इसके साथ ही उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई है. 

 

बलदेव सिंह औलख ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते ही ईओ राजेश सिंह राणा को जमकर फटकार भी लगाई थी. वही मौके पर पहुंचे डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने भी राणा की लापरवाही पर कार्यवाही करने की बात कही थी. गौरतलब है कि, राजेश सिंह राणा को डीएम द्वारा पूर्व में भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लिंक रोड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे.  इसके बाद भी जब मंत्री जी वहां पहुंचे तो उन्हें स्थानीय निवासियों के सामने शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा.

 

डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने दिया ये बयान 

 

डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया, "सीएससी बिलासपुर की लिंक रोड बेहद खराब हालत में थी. जब मैंने जनपद में जॉइन किया था तब सारे सीएससी का भ्रमण किया था बाकी सभी सीएससी के रोड अच्छी थीं, केवल एक सीएससी और जिला अस्पताल के अंदर की जो रोड थी, वो खराब थी. जिला अस्पताल के अंदर की रोड हमनें पीडब्ल्यूडी से बनवा दी थी. लिंक रोड के लिए हमनें ईओ को निर्देशित किया था. साथ ही उनसे इस पर होने वाले खर्चें का डिटेल एस्टीमेट मांगा था. ईओ राजेश सिंह राणा ने मौखिक तौर पर हमें जानकारी दी कि, इस रोड को बना लिया गया है. लेकिन यहां एक कार्यक्रम में जब मंत्री का आना हुआ तब हमें पता चला कि ये काम तो किया ही नहीं गया है."

 

साथ ही उन्होंने बताया, "अपने उच्च अधिकारी को गुमराह करने और इस लापरवाही के लिए ईओ राणा को हमने प्रतिकूल प्रविष्टि दी है. इसके अतिरिक्त उनका एक माह का वेतन भी काटा है. साथ ही टांडा और बिलासपुर में उन्होंने जो निर्माण कार्य पूर्व में करवाए हैं उसकी जांच के लिए भी हमने एक समिति बनाई थी.  उसमें भी वह सहयोग नहीं कर रहे हैं तो कहीं ना कहीं उनकी भूमिका संदिग्ध नजर आती है उस पर हमने लगातार उन्हें नोटिस जारी किए हैं. आगे अगर वह जांच में सहयोग नहीं करते हैं और काम अगर ढंग से नहीं करते हैं तो शासन में कड़ी कार्रवाई के लिए लिख कर हम देंगे.

 

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