उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव में मतदान करने वाले पात्र कर्मचारियों आकस्मिक अवकाश मिलेगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने इसका ऐलान कर दिया है ताकि मतदाताओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने में कोई असुविधा न हो. प्रदेश के 11 निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को मतदान होना है.

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राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर शासन ने मतदान के दिन पात्र कर्मचारियों को मताधिकार का प्रयोग करने के लिए यह सुविधा अनुमन्य की है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर जारी निर्देशों में कहा गया है कि 'विधान परिषद के स्नातक के 5 एवं शिक्षक के 6 निर्वाचन क्षेत्रों के अर्ह मतदाताओं को मतदान के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश अनुमन्य किया गया है. 

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उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खण्ड स्नातक के 05 एवं खण्ड शिक्षक के 06 निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के लिए 23 अक्टूबर, 2026 को मतदान होगा. लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी के खण्ड स्नातक तथा लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, गोरखपुर-फैजाबाद के खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान संपन्न होगा.

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य के ऐसे सभी कर्मचारी, जो विश्वविद्यालय स्नातक हैं तथा संबंधित खण्ड स्नातक एवं खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रामाणिक (Bonafide) मतदाता हैं, उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने हेतु मतदान (दिवस 23 अक्टूबर 2026) पर विशेष आकस्मिक अवकाश अनुमन्य किया जाएगा.' चुनाव आयोग के निर्देश के बाद अब सभी पात्र कर्मचारी विधान परिषद चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पाएंगे. जिससे उन्हें वोटिंग स्थल तक जाने और वोटिंग करने में कोई परेशानी नहीं होगी. कर्मचारियों ने शासन के इस निर्देश का स्वागत किया है और कहा कि इस आदेश के बाद उन पर छुट्टी नहीं लेने का दबाव नहीं बनाया जा सकेगा.

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