उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद मुख्यालय गौरीगंज स्थित मंगलम परिसर के सामने बड़े से प्रांगण में 14 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी का सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया है. कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी से बागी एवं निष्कासित तीन विधायक अपने हजारों समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल होने की तैयारी है. इनमें गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या जिले की गोसाईगंज सीट के विधायक अभय प्रताप सिंह और जालौन जिले की कालपी सीट के विधायक विनोद चतुर्वेदी प्रमुख रूप से शामिल हैं. 

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इस कार्यक्रम में बीजेपी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अमरपाल मौर्य सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के शामिल हो रहे हैं. प्रस्तावित अतिथियों में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, दयाशंकर सिंह, दारा सिंह चौहान, प्रतिभा शुक्ला, मयंकेश्वर शरण सिंह, संजीव बालियान, पूजा पाल, कृष्णा पासवान और भोला सिंह के नाम शामिल हैं. आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है.

बीजेपी में वापसी कर रहा हूं: राकेश प्रताप सिंह

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बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने से पहले विधायक राकेश प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में इसे अपनी घर वापसी बताया है. उन्होंने कहा कि वह पहली बार बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे हैं, बल्कि पहले भी पार्टी के सदस्य रह चुके हैं. उनके मुताबिक, वर्ष 1996 से 2000 के बीच वह बीजेपी के सदस्य थे और उस दौरान उन्होंने एक विधानसभा तथा दो लोकसभा सीटों पर पार्टी के लिए काम किया था. राकेश प्रताप सिंह ने पुराने दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेठी के कई पुराने लोग इस बात को जानते हैं. उन्होंने बताया कि डाक बंगले में पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय सिंह की मौजूदगी में एडवोकेट उमाशंकर पांडेय ने 220 रुपये की रसीद काटकर उन्हें बीजेपी का सदस्य बनाया था. विधायक ने कहा कि इस पुराने राजनीतिक जुड़ाव के कारण उनके लिए बीजेपी में लौटना घर वापसी जैसा है.

हजारों समर्थकों के साथ शामिल होने का दावा

विधायक राकेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर पर बीजेपी को जीत दिलाने के लिए काम करने वाले कई कार्यकर्ता भी उनके साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 से लेकर 2027 तक समाजवादी पार्टी के लिए बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं में से बड़ी संख्या उनके साथ आने जा रही है. उन्होंने बताया कि बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लेने से पहले उन्होंने अपने समर्थकों और पारिवारिक लोगों के साथ विचार-विमर्श किया. गांवों में लगातार बैठकें की गईं और लोगों की राय जानने के बाद यह फैसला लिया गया. उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और उनके निर्णयों को भी जनता का समर्थन मिलता रहा है.

सपा से दूरी बनाने की बताई वजह

समाजवादी पार्टी छोड़ने के कारणों पर बोलते हुए राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि करीब साढ़े तीन वर्ष पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बयानों का विरोध करते हुए उन्होंने सपा से दूरी बनानी शुरू कर दी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कुछ बयानों और गतिविधियों से सनातनियों, हिंदुओं और रामभक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है. विधायक ने कहा कि जब वह अनशन पर बैठे थे, तब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनसे फोन पर संपर्क नहीं किया. उन्होंने अपने साथ हुई दुर्घटना और गौरीगंज थाने से जुड़ी एक घटना का उल्लेख करते हुए भी कहा कि उस समय उन्हें पार्टी नेतृत्व से अपेक्षित संवाद नहीं मिला. राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि वह लोगों के सुख-दुख में खड़े रहते हैं और जनता भी उनके साथ खड़ी रहती है. उनके मुताबिक, किसी भी राजनीतिक निर्णय से पहले कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझना जरूरी है.

मुलायम सिंह यादव को किया याद

बातचीत के दौरान राकेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा कि नेताजी अपने कार्यकर्ताओं के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहते थे. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव का अपने कार्यकर्ताओं के प्रति अलग जुड़ाव था.विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मुलायम सिंह यादव के पुराने बयान का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव ने संसद में नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने की बात कही थी, तब उन्होंने राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपनी बात रखी थी. राकेश प्रताप सिंह ने इसी संदर्भ में कहा कि वह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को मजबूत करने के लिए काम करेंगे.

सदस्यता कार्यक्रम पर टिकी निगाहें

गौरीगंज में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने और उनके साथ आने वाले समर्थकों की संख्या पर राजनीतिक हलकों की निगाहें टिकी हैं. राकेश प्रताप सिंह ने दावा किया है कि उनके साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. हालांकि, वास्तविक रूप से कितने समर्थक कार्यक्रम में पहुंचते हैं और कितने लोग पार्टी में शामिल होते हैं, यह कार्यक्रम के दौरान ही स्पष्ट होगा.