उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद के मऊरानीपुर में एक शादी के मंडप में उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा हो गया, जब बारात दरवाजे पर खड़ी थी और अचानक पुलिस आ पहुंची. पुलिस ने आते ही कहा ये शादी नहीं होगी. 1090 पर आई शिकायत ने खुशियों के बीच ऐसा ब्रेक लगाया कि दुल्हन की मेहंदी भी सूखती रह गई और बारात को खाली हाथ लौटना पड़ा. लेकिन चार दिन बाद सच सामने आया और फिर वही बारात दोबारा दुल्हन के दरवाजे पहुंची.
पुलिस और CWC को यह शिकायत मिली थी कि दुल्हा और दुल्हन दोनों नाबालिग हैं. जिस पर दुल्हन पक्ष ने प्रमाण पत्र दिखा दिए, जबकि दूल्हे को मेडिकल चेकअप के बाद बालिग़ घोषित किया गया.
क्या था पूरा मामला ?
बताया गया है कि मऊरानीपुर के भदरवारा गांव की शाम रोशनी और ढोल नगाड़ों से जगमगा रही थी. दुल्हन की हथेलियों पर मेहंदी के डिजाइन अभी ताज़ा थे और घर में खुशियों का माहौल चरम पर था. तभी अचानक सायरन की आवाज़ ने पूरी रौनक जैसे थाम दी. मंडप में पहुंचते ही पुलिस ने आदेश दिया शादी रुकवा दी जाए, लड़की और लड़का नाबालिग हैं यह बाल विवाह है. यह सुनते ही पूरा माहौल दहशत में बदल गया, दुल्हन के परिजन घबराए, और बाराती स्तब्ध रह गए.
ग्राम भदरवारा निबासी दुल्हन दीपा के पिता ने तुरंत बालिग होने के प्रमाण पत्र पेश किए, जिन्हें पुलिस ने सही पाया. लेकिन दूल्हे सोनू उर्फ रामेश्वर निबासी ग्वाली धमना के पास उम्र का कोई सबूत नहीं था. अनपढ़ होने की वजह से उसके पास जन्म प्रमाण पत्र तक नहीं था.
लड़के का हुआ मेडिकल चेकअप
पुलिस ने शादी रोक दी और पूरा मामला CWC के पास भेज दिया गया. वहीं से तय हुआ कि दूल्हे की मेडिकल जांच कराई जाए. जांच में सोनू बालिग पाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी बारात खाली हाथ लौट चुकी थी.
रातभर चलने वाले भव्य भोज की सारी तैयारियाँ बर्बाद हो गईं. लड़की पक्ष का लाखों रुपये का नुकसान हुआ. दुल्हन की आँखों में खुशी की जगह मायूसी ने घर कर लिया और हाथों की मेहंदी का रंग फीका पड़ता चला गया. चार दिन बाद, जब मेडिकल रिपोर्ट आई और दूल्हा बालिग निकला, तो बारात फिर से चढ़ी. इस बार ढोल–नगाड़ों की आवाज़ पहले से भी ज्यादा तेज थी. और उसी घर के दरवाजे पर जहाँ बारात लौटाई गई थी आज दुल्हन की विदाई धूमधाम से हुई.
गांव के ही शख्स ने की थी शिकायत
जांच में ये भी सामने आया कि 1090 पर कॉल करने वाला कोई अनजान शख्स नहीं, बल्कि दूल्हे के ही गांव का व्यक्ति था. दुश्मनी निकालने के लिए उसने झूठी शिकायत की और पूरी शादी में हलचल मचा दी. हैरानी की बात अब तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. रुकी हुई बारात, सूखी मेहंदी और चार दिन की जद्दोजहद के बाद आखिरकार ये शादी हो ही गई. लेकिन भदरवारा गाँव इस रात को लंबे समय तक नहीं भूल पाएगा.