उत्तराखंड में आज पूज्य साधु-संतों, अखाड़ों के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार कुंभ 2027 के शाही स्नानों की तिथियों की औपचारिक घोषणा कर दी. पवित्र गंगा तट पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में आध्यात्मिक भव्यता और धार्मिक उत्साह दोनों का अद्भुत संगम देखने को मिला.

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मुख्यमंत्री ने बताया कि हरिद्वार कुंभ 2027 का प्रथम शाही स्नान 14 जनवरी 2027 को आयोजित होगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में अन्य शाही स्नानों की तिथियां भी पारंपरिक पंचांग गणना और अखाड़ों की सहमति से घोषित की जाएंगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुंभ मेला क्षेत्र के विकास, सुरक्षा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार अभी से व्यापक तैयारियों में जुट गई है.

उत्तराखंड की संस्कृति को प्रस्तुत करने का मौका

सीएम धामी ने कहा कि यह कुंभ उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का अवसर है. सरकार का लक्ष्य है कि 2027 का कुंभ अब तक का सबसे सुव्यवस्थित, सुरक्षित और स्वच्छ मेला बने. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यातायात, स्वच्छता, जल प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया और डिजिटल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए.

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कार्यक्रम में उपस्थित अखाड़ा परिषद के संतों ने भी राज्य सरकार की तैयारी और तत्परता पर संतोष जताया. संत समाज ने उम्मीद जताई कि आगामी कुंभ मेला श्रद्धालुओं के लिए दिव्य और भव्य अनुभव लेकर आएगा.

घोषणा के बाद तैयारियां हुईं तेज

घोषणा के बाद हरिद्वार में उत्साह का वातावरण देखा गया, क्योंकि कुंभ की तिथि तय होते ही पूरा क्षेत्र धार्मिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं की ओर सक्रिय रूप से अग्रसर हो गया है. कुंभ 2027 को लेकर प्रशासन, साधु-संत और स्थानीय लोग अब तैयारियों को और तेज कर रहे हैं. बता दें कि कुंभ की घोषणा को लेकर धामी सरकार वृहद स्तर पर काम कर रही  है. क्यूंकि हरिद्वार में कुंभ में न सिर्फ देश के चारों तरफ से बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालू पहुँचते हैं.