उन्नाव पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार और न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा और राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कैंडल मार्च आयोजित कर पीड़िता के साथ एकजुटता दिखाई गई. यह प्रदर्शन न सिर्फ एक विरोध था, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ आवाज थी जो पीड़िताओं को बार-बार प्रताड़ित करती है.
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता केरल भवन से जंतर-मंतर तक एकत्रित हुए और शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकाला. इस मौके पर भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि BJP के बलात्कारी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दी जा रही है और पीड़िता को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्होंने इसे बेहद निराशाजनक और शर्मनाक बताया. उनका कहना था कि बलात्कारियों को जमानत और पीड़िताओं को सजा मिलना सरासर अन्याय है. ऐसी घटनाएं हमारी सामाजिक व्यवस्था पर गहरा धब्बा हैं और समाज में इस तरह की ओछी मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए.
उम्रकैद के दोषी की रिहाई पर उठे गंभीर सवाल
उदय भानु चिब ने आगे कहा कि जो व्यक्ति हत्या और बलात्कार का दोषी पाया गया, अगर वह उम्रकैद की सजा के बावजूद 6 साल में जेल से बाहर आ जाए, तो यह पूरे समाज के लिए शर्म का विषय है. उन्होंने कहा कि जब पीड़िता और उसकी मां सर्द रात में इंडिया गेट पर न्याय की मांग करती हैं, तो दिल्ली पुलिस उन्हें बर्बरता से घसीटती है. ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है.
देश के सामने सवाल, क्या बेटियां सुरक्षित हैं
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज देश के सामने गंभीर सवाल हैं कि क्या यह देश लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है. क्या लड़कियां यहां सम्मान और सुरक्षा के साथ नहीं रह सकतीं. क्या उनके साथ अन्याय होना ही नियति बन गया है. उन्होंने दो टूक कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर आरोपी नहीं बल्कि दोषी है, इसलिए कोर्ट को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेना चाहिए. न्याय, सम्मान और सुरक्षा पीड़िता का अधिकार है और यह उसे हर कीमत पर मिलना चाहिए.
पुलिस की सख्ती के बीच भी पूरा हुआ मार्च
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हटाने का भरपूर प्रयास किया. इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से कैंडल मार्च पूरा किया और अपना प्रदर्शन समाप्त किया. इस दौरान राष्ट्रीय पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और सभी ने पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग दोहराई.